भारत और अमेरिका के रिश्ते, पाकिस्तान के साथ वॉशिंगटन की नजदीकी और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में अमेरिका की भूमिका. इन अहम मुद्दों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आजतक के साथ खास बातचीत की है. भारत दौरे पर आए विदेश मंत्री रुबियो और अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई बड़े सवालों पर बात की.
मार्को रुबियो ने साफ कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बेहतर होते रिश्तों का असर भारत के साथ उसकी साझेदारी पर नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं एक जैसी हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से हुई बातचीत के पीछे की कहानी पूछे जाने पर रुबियो ने कहा कि वह बातचीत की गोपनीय जानकारी साझा नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करने पर भविष्य में कोई उनसे बात नहीं करेगा.
'पाकिस्तान से रिश्ते भारत की कीमत पर नहीं'
मार्को रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में यह बात कही. यह होटल 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाए गए ठिकानों में शामिल था. उनसे पूछा गया था कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बढ़ते रिश्तों के बीच वॉशिंगटन यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर न पड़े.
इस पर मार्को रुबियो ने कहा, "किसी भी तरह से पाकिस्तान के साथ हमारा रिश्ता, भारत के साथ हमारे रिश्तों की कीमत पर नहीं है." उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं एक जैसी हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका की भूमिका पर क्या बोले?
इंटरव्यू में विदेश मंत्री रुबियो से पूछा गया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई 2025 को उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व से सीधे बातचीत की थी. उनसे इस बातचीत के पीछे की जानकारी साझा करने को कहा गया.
रुबियो ने कहा कि वह पर्दे के पीछे हुई बातचीत का खुलासा नहीं करेंगे, क्योंकि इससे भविष्य में दूसरे लोग उनसे बात करने से बचेंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि जब भी दो देशों के बीच तनाव बढ़ने से बड़े टकराव या जंग का खतरा पैदा होता है, तो अमेरिका तनाव कम करने में रचनात्मक भूमिका निभाने की कोशिश करता है.
रुबियो ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के लंबे समय से संबंध हैं, जबकि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी उसके रिश्ते बेहतर हुए हैं. रुबियो के मुताबिक, इन दोनों देशों के साथ संपर्क बनाए रखने से अमेरिका को ऐसे हालात को रोकने में मदद मिल सकती है, जो आगे चलकर बड़े संघर्ष का रूप ले सकते हैं.
'हम एक और जंग नहीं देखना चाहते'
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पर रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में मौजूद तनाव किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका तनाव कम करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है, क्योंकि वह दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक और जंग नहीं देखना चाहता.
रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान कारोबार और व्यापार पर ध्यान दें. उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से लोगों की समृद्धि और सुरक्षा के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का जिक्र
मार्को रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने में अमेरिका सबसे आगे है. इसके लिए उन्होंने इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा के खिलाफ अमेरिकी अभियानों का उदाहरण दिया. उन्होंने अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन को मारने वाले अभियान और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आतंकी संगठनों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का भी हवाला दिया.
रुबियो के मुताबिक, अमेरिका आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद का खतरा भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय है.
राज चेंगप्पा