फ्रांस में लगातार बढ़ रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच इजरायल को वहां रहने वाले यहूदियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी वजह से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्रांस से संभावित बड़े पैमाने पर यहूदी पलायन यानी अलीया के लिए तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है. इस बीच इजरायल में चुनाव भी चल रहा है.
इजरायल के अलीया और इंटीग्रेशन मंत्री ओफिर सोफर ने सरकार की बैठक में कहा कि फ्रांस में हो रहे दंगों को देखते हुए बड़े पैमाने पर आने वाले यहूदियों को बसाने की योजना तैयार करनी होगी. सेटलमेंट्स मंत्री ओरीट स्ट्रॉक ने कहा कि वहां यहूदी सड़कों पर निकलने से डर रहे हैं और इस बात की आशंका है कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है.
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इसके बाद नेतन्याहू ने सोफर, वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच और डायस्पोरा मंत्री अमीचाई चिकली को मिलकर एक योजना तैयार करने को कहा है.
इस साल 4 हजार के करीब फ्रांसीसी यहूदी पहुंचे इजरायल
इजरायली रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 4 हजार फ्रांसीसी यहूदी इजरायल पहुंच चुके हैं. यह संख्या पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 40 फीसदी ज्यादा है. बढ़ती हिंसा के बीच इजरायल को आशंका है कि फ्रांस से यहूदी आबादी के आने का सिलसिला और तेज हो सकता है.
छात्र प्रदर्शनों से बिगड़े फ्रांस के हालात
फ्रांस में पिछले हफ्ते पेरिस से शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन अब मार्सेई, नांते और मॉंपेलिए समेत कई बड़े शहरों तक फैल चुका है. छात्र शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की कमी, ज्यादा भीड़ वाली कक्षाओं और खराब स्कूल इमारतों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
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हालांकि, प्रदर्शन अब हिंसक भी हो गए हैं. फ्रांसीसी शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक करीब 24 स्कूलों में आगजनी या लूटपाट हुई है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े 78 कर्मचारी घायल हुए हैं. न्याय मंत्रालय के मुताबिक करीब 3,700 स्कूलों में से 735 किसी न किसी तरह प्रभावित हुए हैं.
गिरफ्तारियों की संख्या भी बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में करीब 85 फीसदी नाबालिग हैं. फ्रांस के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि कुछ स्कूलों में सुरक्षा हालात इतने खराब हैं कि सामान्य पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. इसी बिगड़ते माहौल के बीच इजरायल अब फ्रांस से आने वाले संभावित बड़े यहूदी प्रवास के लिए पहले से तैयारी करना चाहता है.
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