ट्रंप ने फ्रांस में प्रदर्शन को इस्लाम से जोड़ा, कहा- ये महान देश पर कब्जे की कोशिश!

फ्रांस में हाई स्कूल में सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ और ये देखते ही देखते व्यापक हो गया. इस दौरान हिंसा और आगजनी भी हुई है. इस मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि यह एक महान देश पर कब्जा करने की कोशिश है.

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राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है. (Photo: Reuters) राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:45 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे प्रदर्शन के लिए 'बड़े पैमाने पर माइग्रेशन' और 'इस्लाम' को जिम्मेदार ठहराया है. ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, 'यह इस्लाम के उस देश पर कब्ज़ा करने की कोशिश के बारे में है जो कभी महान हुआ करता था!'

फ्रांस में पिछले कुछ दिनों से स्कूलों को लेकर उग्र प्रदर्शन हो रहा है. 

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फ्रांसीसी हाई स्कूल के छात्रों ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी, कक्षाओं की भीड़भाड़, खराब बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी को लेकर प्रदर्शन शुरू किए थे. प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के कई शहरों में फैल गए. पेरिस समेत मार्सेय, ल्यों, लिल और स्ट्रासबर्ग जैसे शहरों में छात्रों ने स्कूलों के गेट बंद कर दिए.  कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए. इसकी वजह से पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान वाहनों में आग लगाए जाने की घटनाएं भी सामने आईं हैं. 

इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस में चल रहे छात्र प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोला है. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि, "फ्रांस में जो हो रहा है, वह बेकाबू मास माइग्रेशन के अलावा और कुछ नहीं है. उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा, "यह स्कूलों की बात नहीं है, यह इस्लाम का कभी महान देश रहे फ्रांस पर कब्जा करने की मंशा की बात है."

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फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को पूरे देश में करीब ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल हुए. आयोजकों ने इस संख्या को चार लाख से ऊपर बताया. प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार था. हालांकि कुछ प्रदर्शनों में हिंसा भड़कने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई. 

ट्रंप ने इन घटनाओं को सीधे इस्लाम और माइग्रेशन से जोड़ा है. ट्रंप यूरोप के माइग्रेशन पॉलिसी की पहले भी निंदा करते रहे हैं. ट्रंप प्रशासन लंबे समय से यूरोपीय देशों से सीमाओं को सख्त करने की अपील करता आया है. फ्रांस में इस प्रदर्शन को लेकर दक्षिणपंथी दलों ने भी चिंता जताई है. 

नेशनल रैली की नेता मरीन ले पेन ने हिंसक घटनाओं के लिए कठोर सजा की मांग की है. वहीं फ्रांसीसी सरकार ने प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है. 
 

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