फोर्ट हूड हमले के दोषी को मौत की सजा, ट्रंप बोले- लाइव प्रसारण नहीं होगा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फोर्ट हूड गोलीबारी के दोषी निदाल मलिक हसन की मौत की सजा का लाइव प्रसारण नहीं होगा. हसन को फायरिंग स्क्वॉड से सजा दी जाएगी. पीड़ितों के करीबी परिजन चाहें तो मौके पर मौजूद रह सकेंगे. ट्रंप ने अपने पोस्ट में FBI की पुरानी जांच पर भी सवाल उठाए.

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ट्रंप ने निदाल हसन की मौत की सजा के लाइव प्रसारण से इनकार कर दिया है. (Photo-AFP) ट्रंप ने निदाल हसन की मौत की सजा के लाइव प्रसारण से इनकार कर दिया है. (Photo-AFP)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 16 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 2009 में फोर्ट हूड सैन्य ठिकाने पर गोलीबारी करने वाले निदाल मलिक हसन की मौत की सजा का लाइव प्रसारण नहीं किया जाएगा. ट्रंप का कहना है कि हसन को तय कार्यक्रम के मुताबिक, फायरिंग स्क्वॉड से मौत की सजा दी जाएगी. हालांकि, पीड़ितों के करीबी परिजन चाहें तो मौके पर मौजूद रहकर इस कार्रवाई को देख सकेंगे.

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के ट्रूथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट कर हसन की कड़ी आलोचना की है. ट्रंप ने कहा कि इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें एक गर्भवती सैनिक भी शामिल थी. टइस घटना में 32 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौत की सजा का प्रसारण करने से दुनिया को यह देखने का मौका मिल सकता था कि अमेरिका आतंकवाद के दोषियों से कैसे निपटता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग किसी व्यक्ति की मौत का दृश्य प्रसारण या किसी दूसरे माध्यम से नहीं देखना चाहते. इसी वजह से सजा का लाइव प्रसारण नहीं किया जाएगा.

ओबामा प्रशासन और FBI पर उठाए सवाल

ट्रंप ने अपने पोस्ट में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन और FBI की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि FBI ने हसन और यमन में जन्मे अमेरिकी मौलवी अनवर अल-अवलाकी के बीच इलेक्ट्रॉनिक संदेशों को पकड़ा था.

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ट्रंप का कहना है कि FBI की आतंकवाद विरोधी टीम के जांचकर्ताओं ने उन ईमेल की समीक्षा के बाद उन्हें खतरा नहीं माना था. उन्होंने इस आकलन को बाद में सामने आई खुफिया चूक से जोड़ा. ट्रंप ने कहा कि हसन को फायरिंग स्क्वॉड से तय समय पर मौत की सजा दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि हमले में मारे गए लोगों के करीबी परिजन चाहें तो सजा के समय वहां मौजूद रह सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे पीड़ित परिवारों के लिए न्याय देखने का मौका बताया.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, अमेरिका के टेक्सास में फोर्ट हूड सैन्य ठिकाने पर 5 नवंबर 2009 को गोलीबारी हुई थी. अमेरिकी सेना के मेजर निदाल मलिक हसन ने सैनिकों पर गोलियां चलाई थीं. इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 32 लोग घायल हुए थे. मरने वालों में एक गर्भवती सैनिक भी शामिल थी. 

यह भी पढ़ें: फेल हुआ ट्रंप का 'एनर्जी सीजफायर', रूस के तेल रिफाइनरियों पर हमला करेगा यूक्रेन

सैन्य अदालत ने हसन को दोषी ठहराया था और 2013 में मौत की सजा सुनाई थी. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हसन को फायरिंग स्क्वॉड यानी गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी. लेकिन इसका लाइव प्रसारण नहीं होगा. पीड़ितों के करीबी परिजन चाहें तो मौके पर मौजूद रहकर सजा देख सकेंगे.

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