अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत का अगला दौर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 जुलाई को होने वाली तकनीकी स्तर की वार्ता के लिए इस्लामाबाद सबसे संभावित स्थान माना जा रहा है, हालांकि स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट का विकल्प भी चर्चा में है. अंतिम फैसला अभी होना बाकी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मकसद से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद 21 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत हुई थी, जिसमें पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.
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बताया जा रहा है कि अगली वार्ता पहले होनी थी, लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के चलते इसे टाल दिया गया. ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी होने के बाद ही तेहरान अपने प्रतिनिधिमंडल की घोषणा करेगा.
अगले दौर की बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
एक न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि, इस दौर की बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों को लेकर चर्चा होगी. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और लेबनान में लागू युद्धविराम को कायम रखने जैसे क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रहेंगे.
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अगले 60 दिनों में स्थायी शांति की रूपरेखा तैयार होगी
रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े मुद्दों पर समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है. इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 11 जुलाई की तकनीकी बैठक अहम मानी जा रही है.
हाल ही में दोहा में भी दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष तकनीकी बातचीत हुई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन वार्ताओं को "बहुत अच्छी" बताया था, जबकि ईरानी अधिकारियों ने दावा किया था कि अरबों डॉलर की फ्रीज ईरानी संपत्तियों को आंशिक तौर पर रिलीज को लेकर समझ बनी है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने ऐसे किसी समझौते से इनकार किया था. कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान और कतर लगातार दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए हुए हैं.
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