कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में लंबे समय तक कुचलता रहा शख्स! एसिडोसिस का हुआ शिकार, जानें क्या है ये बीमारी

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए. 14 घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 5 को ICU में रखा गया है. एक मरीज की हालत गंभीर है, जिसे क्रश इंजरी के कारण एसिडोसिस हो गया है. जानें ये बीमारी कैसे होती है.

Advertisement
मरीज ICU में है और उसकी हालत बेहद नाजुक है. (Photo- PTI) मरीज ICU में है और उसकी हालत बेहद नाजुक है. (Photo- PTI)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 18 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मूसलाधार बारिश के बीच मची  भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं जिनमें से 14 लोगों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 5 मरीजों को ICU में रखा गया है, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.

Advertisement

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि आईसीयू में भर्ती मरीजों में से एक की हालत काफी गंभीर है. इसकी वजह एसिडोसिस (Acidosis) है. मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, एसिडोसिस शरीर में ज्यादा एसिड बनने की वजह से होता है.

जब भीड़ में कोई व्यक्ति घंटों या लंबे समय तक दबा या कुचला रहता है, तो उसकी मांसपेशियों में गंभीर चोट लगती है. मांसपेशियों के इस तरह कुचले जाने और क्षतिग्रस्त होने की वजह से ही मरीज को एसिडोसिस हो गया है. ऐसे में वो अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.

एक मरीज को पेल्विक ट्रॉमा

इसके अलावा, आईसीयू में भर्ती दो मरीजों की हालत में सुधार देखा जा रहा है और डॉक्टरों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा. एक घायल को पेल्विक ट्रॉमा (कमर/पेल्विस की हड्डी में गंभीर चोट) हुआ है, जिसकी जांच और इलाज ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष और रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बासु ने डॉक्टरों और आयोग के सदस्यों के साथ अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य का जायजा लिया और इलाज की समीक्षा की.

Advertisement

यह भी पढ़ें: कोलकाता चोरबगान भगदड़ के घायलों से मिले अमित शाह, डॉक्टरों से लिया हेल्थ अपडेट

पत्रकारों से बातचीत में बिस्वजीत बासु ने कहा, 'मोटे तौर पर एक मरीज को छोड़कर बाकी सभी की स्थिति स्थिर है. हमने सभी मेडिकल एस्पेक्ट्स की जांच की है और हम इस बात से पूरी तरह संतुष्ट हैं कि उनका इलाज सही तरीके से चल रहा है.'

डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर घायल युवा हैं और उन्हें पहले से कोई खतरनाक बीमारी नहीं थी, जिससे उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद काफी ज्यादा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »