बंगाल: हुमायूं कबीर होंगे गिरफ्तार? दो थानों की पुलिस से मिला नोटिस

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कड़े संदेश के महज 24 घंटे के अंदर रेजीनगर और शक्तिपुर पुलिस स्टेशन की टीम हुमायूं कबीर के शक्तिपुर स्थित आवास पर पहुंची. इस समय हुमायूं कबीर और उनके बेटे गुलाम नबी आजाद रॉबिन घर पर नहीं थे, इसलिए नोटिस उनकी पत्नी मीरा सुल्ताना को सौंपे गए.

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हुमायूं कबीर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार. (File Photo: ITG) हुमायूं कबीर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार. (File Photo: ITG)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST

राजनीतिक बैठकों के दौरान विवादित और भड़काऊ टिप्पणी मामले में हुमायूं कबीर को दो अलग-अलग थानों की पुलिस ने पेश होने के लिए जारी किए हैं. पुलिस ने हुमायूं कबीर को शक्तिपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज स्वतः संज्ञान मामले में तीन जुलाई और रेजीनगर पुलिस स्टेशन के मामले में चार जुलाई को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए बुलाया है. पुलिस द्वारा नोटिस जारी किया जाने के बाद नाओदा के विधायक और 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के चेयरमैन की गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे मुर्शिदाबाद में राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं.

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दरअसल, हुमायूं कबीर पर राजनीतिक बैठकों के दौरान अत्यधिक विवादास्पद और भड़काऊ टिप्पणियां करने के गंभीर आरोप लगे हैं. उन्होंने शक्तिपुर की एक जनसभा के दौरान स्थानीय पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी) के खिलाफ बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था, जबकि रेजीनगर की बैठक में उन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. पुलिस इस मामले में पहले ही तीन स्थानीय आयोजकों- अमीनुल हक, गुलाम शेख और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार कर चुकी है.

विधायक की पत्नी को सौंपे नोटिस

कबीर के इन बयानों पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताई थी. सीएम की आपत्ति के 24 घंटे के अंदर मंगलवार को रेजीनगर और शक्तिपुर थानों की पुलिस हुमायूं के शक्तिपुर स्थित आवास पर नोटिस तामील कराने पहुंची. विधायक और उनके बेटे गुलाम नबी आजाद रॉबिन के घर पर न होने के कारण पुलिस ने ये नोटिस हुमायूं की पत्नी मीरा सुल्ताना को सौंपे हैं. 

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'हो सकती है कबीर की गिरफ्तारी'

जिला पुलिस सूत्रों का दावा है कि हुमायूं कबीर के खिलाफ दर्ज मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गैर-जमानती धाराएं शामिल हैं. अगर वह तय तारीखों पर पेश नहीं होते हैं या जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

'मैंने विपक्षी की ही राजनीति की है'

बाद में मीडिया से बात करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा, 'मैंने जिंदगी भर विपक्ष की राजनीति की है, मुझ पर कई केस हुए और मुझे गिरफ़्तार भी किया गया, लेकिन मैं कभी पीछे नहीं हटा. मैं नोटिस की बातों को देखूंगा और कानूनी कदम उठाऊंगा, अगर सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम करती है तो हम लोकतांत्रिक आंदोलनों के जरिए इसका जवाब देंगे. भले ही मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं का हौसला तोड़ने की कोशिश की जाए. मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा.'

उधर, हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद रॉबिन ने कहा, 'हम घर पर नहीं थे. पुलिस ने मेरी मां को नोटिस सौंपा है. हम कानून के अनुसार जरूरी कदम उठाएंगे.'

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