सड़कों पर नावें, सड़क किनारे ही अंतिम संस्कार... उफान पर गंगा-यमुना, प्रयागराज में महाकुंभ का मैदानी इलाका डूबा

Prayagraj Flood News: प्रयागराज में गंगा-यमुना के उफान से डूबा दारागंज श्मशान घाट, सड़कों पर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हुए लोग! लेटे हनुमान मंदिर के द्वार तक पहुंचा पानी...

Advertisement
प्रयागराज में सड़कों पर अंत्येष्टि करने को मजबूर हुए लोग.(Photo:ITG) प्रयागराज में सड़कों पर अंत्येष्टि करने को मजबूर हुए लोग.(Photo:ITG)

पंकज श्रीवास्तव

  • प्रयागराज ,
  • 22 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:24 PM IST

संगम नगरी में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है. संगम क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो चुका है और अब इसका असर आम जनजीवन के साथ अंतिम संस्कार जैसी व्यवस्थाओं पर भी पड़ने लगा है. दारागंज श्मशान घाट में पानी भर जाने के कारण लोगों को सड़क किनारे शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है.

Advertisement

दरअसल, बढ़ते जलस्तर ने पूरे संगम क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है. संगम का मैदानी इलाका पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. जहां कुछ महीने पहले महाकुंभ और माघ मेले की तैयारियां होती हैं, वहां आज चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. जल पुलिस के जवान लगातार इनाउंसमेंट कर लोगों को गहरे पानी में न जाने की सलाह दे रहे हैं.

प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर का असर अब पूरे संगम क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है. संगम का पूरा मैदानी इलाका पानी में डूब चुका है. यही वह स्थान है जहां महाकुंभ, अर्द्धकुंभ और माघ मेले का आयोजन होता है, लेकिन फिलहाल पूरा क्षेत्र बाढ़ के पानी से जलमग्न है.

बाढ़ के पानी में भिक्षा मांगने वालों की झोपड़ियां डूब चुकी हैं, वहीं तीर्थ पुरोहितों के तख्त और पूजा का सामान, आरती स्थल भी पानी में समा गया है. संगम तक जाने वाले सभी रास्तों पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. अब संगम तक पहुंचने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बचा है.

Advertisement

संगम का मुख्य मार्ग बंद होने की वजह से श्रद्धालु भी परेशान हैं. जो श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे हैं, वे संगम तक नहीं जा पा रहे और सड़क किनारे भरे पानी में ही आस्था की डुबकी लगाने को मजबूर हैं. जिन सड़कों पर कभी वाहनों की आवाजाही होती थी, आज उन्हीं रास्तों पर नावें चल रही हैं.

बढ़ते जलस्तर का असर लेटे हनुमान मंदिर पर भी दिखाई देने लगा है. गंगा का पानी मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच चुका है. हालांकि अभी भगवान लेटे हनुमान की प्रतिमा ने जल स्नान नहीं किया है, लेकिन यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो मंदिर परिसर भी पूरी तरह पानी से घिर सकता है.

वहीं, दारागंज का दशासुमेध घाट भी जलमग्न होता जा रहा है, वहां पक्के घाट की सीढ़ियां और गुम्बद पानी में समाते जा रहे हैं, बाढ़ राहत चौकियां भी सक्रिय कर दी गई हैं. दारागंज इलाके में बने अंतिम संस्कार की जगह पर पानी भरने से शवों का अंतिम संस्कार करने में भी दिक्कत होने लगी है.

जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. जिलाधिकारी स्वयं बढ़ते जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वहीं, जल पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार लाउडस्पीकर से लोगों को गहरे पानी में न जाने की अपील कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.

Advertisement

संगम क्षेत्र में बाढ़ का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. पूरा मेला क्षेत्र पानी में डूब चुका है, संगम तक जाने वाले रास्ते बंद हैं और नाव ही लोगों का सहारा बनी हुई है. प्रशासन अलर्ट मोड पर है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. अब सबकी निगाहें गंगा और यमुना के अगले जलस्तर पर टिकी हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »