टेरर नेटवर्क की लेडी सरगना! डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी के बारे में चौंकाने वाली जानकारी, कार से मिले थे राइफल और जिंदा कारतूस

कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व सहायक प्रोफेसर डॉ. शाहीन सिद्दीकी के रिकॉर्ड ATS ने मंगलवार को जब्त कर लिए हैं. लोक सेवा आयोग से चयनित डॉ. शाहीन 2013 में कॉलेज से अचानक लापता हो गई थीं, जिसके बाद 2021 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं थीं. एजेंसियां अब उनके पुराने संपर्क और गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं.

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आतंकी कनेक्शन में डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी पर शिकंजा (फाइल फोटो) आतंकी कनेक्शन में डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी पर शिकंजा (फाइल फोटो)

सिमर चावला

  • कानपुर ,
  • 12 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST

कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर रह चुकी डॉ. शाहीन सिद्दीकी के रिकॉर्ड्स ATS ने मंगलवार सुबह जब्त कर लिए हैं. डॉ. शाहीन 2013 में अचानक कॉलेज से लापता हो गई थी और 2021 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं थी. जांच एजेंसियां अब डॉ. शाहीन के पुराने रिकॉर्ड, संपर्क और गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही हैं. 

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कौन हैं डॉ. शाहीन सिद्दीकी?

ATS (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने डॉ. शाहीन सिद्दीकी के रिकॉर्ड जब्त करने की कार्रवाई मंगलवार सुबह कानपुर मेडिकल कॉलेज में की. डॉ. शाहीन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थी. वह 2013 में अचानक कानपुर मेडिकल कॉलेज से बिना सूचना गायब हो गई थी. राज्य सरकार ने उनके कार्यकाल से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं. डॉ. शाहीन का चयन लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था. 

2021 में सरकार ने सेवाएं समाप्त कर दी थीं

कॉलेज प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड सत्यापित किए जाने के बाद, 2021 में राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं. कॉलेज के प्रिंसिपल के अनुसार, डॉ. शाहीन को 2009 से 2010 के बीच 6 महीने के लिए कन्नौज सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी स्थानांतरित किया गया था. लगभग 25 साल पहले, डॉ. शाहीन ने इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी की थी. 

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व्यक्तिगत जीवन रहा है विवादित

रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ. शाहीन का व्यक्तिगत जीवन भी विवादित रहा है. उसके दो भाई (शोएब और परवेज) और एक बहन है, वह दूसरी संतान है. सूत्रों के मुताबिक, शाहीन की शादी जफर हयात नाम के व्यक्ति से हुई थी, जो महाराष्ट्र के निवासी थे. 

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हालांकि, यह शादी विवादों के चलते 2015 में तलाक के साथ खत्म हो गई. कानपुर में नौकरी छोड़ने के बाद, शाहीन फरीदाबाद चली गई थीं. अलगाव के बाद, वह लखनऊ में रह रही थी और कुछ समय के लिए उनका कोई पता नहीं चल रहा था. अब जांच एजेंसियां उनके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं. 

टेरर नेटवर्क की सरगना!

कानपुर मेडिकल कॉलेज की पूर्व लेक्चरर डॉ. शाहीन सिद्दीकी को जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग 'जमात-उल मोमिनीन' का इंडिया हेड बताया जा रहा है. फरीदाबाद से दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद शाहीन का नाम सामने आया, जिन पर 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' चलाने का आरोप है. 

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एजेंसियों के मुताबिक, शाहीन आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के निर्देश पर काम कर रही थी. गिरफ्तारी के बाद लखनऊ में उसके घर पर छापेमारी हुई, जहां से उसके भाई डॉ. परवेज अंसारी को भी पकड़ा गया. इस दौरान कई दस्तावेज, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन जब्त किए गए. 

शाहीन ने 2006 में कानपुर जीएसवीएम कॉलेज जॉइन किया था, लेकिन 2013 में बिना बताए छुट्टी पर चली गई थी, जिसके बाद 2021 में उसकी सेवा समाप्त कर दी गई. महाराष्ट्र के जफर हयात से तलाक के बाद वह फरीदाबाद शिफ्ट हुई और वहीं आतंकी नेटवर्क के संपर्क में आई थी. शाहीन की कार से राइफल और जिंदा कारतूस भी मिले थे.

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