समंदर पार से कैसे यूपी में दाखिल हुई बेल्जियम की विशालकाय मशीन? 308 पहियों वाले ट्रक से कब तक पहुंचेगी लखीमपुर

बेल्जियम से उड़ीसा के रास्ते उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जा रही बायो पॉलीमर प्लांट की मशीन लादे 308 पहियों वाला महाबली ट्रक पिछले तीन दिनों से चंदौली में रुका हुआ है. रास्ते में आ रही रुकावटों के कारण इसे आगे बढ़ाने के लिए जेसीबी से नया मार्ग बनाया जा रहा है.

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चंदौली हाइवे पर रुका 308 पहियों वाला ट्रक (Photo- ITG) चंदौली हाइवे पर रुका 308 पहियों वाला ट्रक (Photo- ITG)

उदय गुप्ता

  • चंदौली ,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:55 AM IST

बेल्जियम से चली बायो पॉलीमर प्लांट की विशालकाय मशीन को लखीमपुर ले जा रहा 308 पहियों वाला महाबली ट्रक उत्तर प्रदेश के चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पास नेशनल हाईवे 19 के रिंग रोड पर पिछले तीन दिनों से रुका हुआ है. आगे का रास्ता संकरा होने तथा चौड़ाई व ऊंचाई से जुड़ी बाधाओं के कारण इसे पास कराने के लिए जेसीबी मशीनों से नया रास्ता बनाया जा रहा है. उड़ीसा के पारादीप पोर्ट से रवाना हुआ यह विशालकाय ट्रक झारखंड और बिहार के रास्ते चंदौली पहुंचा है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज़ से लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है. 

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कैसे-कैसे यूपी आई मशीन?

आपको बता दें कि बेल्जियम से अप्रैल महीने में समुद्री मार्ग से चली बायो पॉलीमर प्लांट की लगभग भारी-भरकम मशीन मई में ओडिशा के पारादीप पोर्ट पहुंच. वहां कागजी कार्रवाई और आवश्यक क्लीयरेंस में एक महीने से अधिक का समय लगा. इसके बाद 308 पहियों वाले विशालकाय महाबली ट्रक पर लादकर इसे बाई रोड लखीमपुर के लिए रवाना किया गया. 

तीन हफ्ते में पहुंचेगा लखीमपुर 

ओडिशा से आगे बढ़ते हुए यह ट्रक झारखंड और बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हो चुका है. रास्ते में चौड़ाई, ऊंचाई, ओवरब्रिज और सड़कों के संकरे होने जैसे तमाम अवरोध सामने आए. कहीं जेसीबी से नया रास्ता बनाया गया तो कहीं पोल और तारों को हटाकर क्रेन की मदद से रास्ता क्लियर किया गया. संबंधित विभागों और अथॉरिटीज की अनुमति के साथ सभी रुकावटों को पार करते हुए यह विशालकाय ट्रक लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो से तीन सप्ताह में यह लखीमपुर पहुंच जाएगा. 

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बेल्जियम से उड़ीसा होकर यूपी का सफर

यह विशालकाय मशीन पिछले अप्रैल महीने में बेल्जियम से समुद्री रास्ते से रवाना हुई थी और एक महीने के सफर के बाद उड़ीसा के पारादीप बंदरगाह पहुंची. पारादीप पोर्ट से दो महीने पहले इसे सड़क मार्ग द्वारा लखीमपुर के बलरामपुर चीनी मिल कुंभी के लिए रवाना किया गया. झारखंड और बिहार पार कर यह ट्रक चंदौली पहुंचा है. 

रास्ता न मिलने से चंदौली में रुका महाबली

चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पास रिंग रोड पर क्लियर रास्ता न मिलने से ट्रक रुक गया. लॉजिस्टिक टीम के प्रबंधक अनेक भारती ने बताया कि रास्ते में ऊंचाई और चौड़ाई से जुड़ी काफी बाधाएं आ रही हैं, जिन्हें संबंधित विभागों की अनुमति से हटाया जा रहा है. यह ट्रक अगले दो से तीन हफ्तों में लखीमपुर पहुंचेगा. 

महाबली ट्रक को देखने उमड़ी लोगों की भीड़

ट्रक के रुकते ही इसे देखने और इसके साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के बाद खिंचे चले आ रहे हैं. बिहार के दुर्गावती से आए अब्दुल वारिस और स्थानीय निवासी नीलम ने बताया कि उन्होंने इतना बड़ा ट्रक और इतनी बड़ी मशीन पहले कभी नहीं देखी थी. 

मरीन इंजीनियर भी देखकर हुए हैरान

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पास के गांव के रहने वाले मरीन इंजीनियर संजय यादव भी इस बाहुबली ट्रक को देखने पहुंचे. उन्होंने कहा कि जहाजों पर उन्होंने इससे बड़े सामान देखे हैं, लेकिन जल मार्ग के बाद सड़क मार्ग से इतनी विशालकाय चीज को यहां तक पहुंचते देखना बेहद सुखद और उत्सुकता से भरा अनुभव है.

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