12 साल की लड़की का दूल्हा बना 63 साल का पादरी, पुलिस की मौजूदगी में हुई शादी

घाना से एक हैरान करने वाली खबर आ रही है. यहां एक 63 साल के पादरी ने एक 12 साल की बच्ची से शादी करने का फैसला किया है. इस शादी का घाना में तमाम लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है जिसपर पादरी और उनके समर्थकों ने ऐसे तमाम तर्क दिए हैं जिन्हें शायद ही कोई पचा पाए.

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शादी की सांकेतिक तस्वीर शादी की सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 02 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 9:56 AM IST

धर्म को लेकर भले ही कितनी थ्योरियां दे दी जाएं. लेकिन इसकी सही परिभाषा क्या है? इसे लेकर विद्वानों या ये कहें कि बुद्धिजीवियों के बीच गहरा विरोधाभास रहा है. आज भी हमारे बीच ऐसे लोगों की भरमार है जो धर्म का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए करते हैं. ये लोग कैसे भोले भाले लोगों को ठगने के लिए स्वांग रचते हैं? इसका अंदाजा हमें घाना में हुई उस शादी को देखकर हो जाता है जिसका खूब विरोध हुआ और जहां नौबत पुलिस बुलाने तक की आ गई .

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बताते चलें कि घाना के नुंगुआ में 63 साल के पादरी गबोरबू वुलोमो नुउमो बोरकेटे लावे XXXIII ने कथित तौर पर ना ओक्रोमो नामक एक 12 साल की बच्ची के साथ शादी की है. एक गेस्ट, जो इस शादी के पक्ष में थे. ने कहा कि, यह विवाह एक लंबे समय से चले आ रहे रिवाज के कारण हुआ है. जिसमें कहा गया है कि पादरी एक कुंवारी लड़की से शादी करेगा.

उन्होंने खुलासा किया कि नुंगुआ में फिलहाल नौ साल से अधिक उम्र की कोई कुंवारी लड़की नहीं है. बताया ये भी जा रहा है कि पादरी ने शादी के लिए लड़की का चुनाव तब किया, जब वो सिर्फ 6 साल की थी. घाना से प्रकाशित पल्स ने रिपोर्ट किया है कि लड़की अब शुद्धिकरण पर केंद्रित दूसरे पारंपरिक समारोह में भाग लेगी.

रिपोर्ट में इसका भी जिक्र है कि  'ऐसी मान्यता है कि इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद बच्ची गबोरबू वुलोमो की पत्नी के रूप में अपनी प्रत्याशित जिम्मेदारियों निर्वाह सही से करेगी. दिलचस्प ये कि इसमें बच्चे पैदा करना भी शामिल है. एक 63 साल के पादरी द्वारा 12 साल की लड़की से शादी करने की इस खबर ने विवाद पैदा कर दिया है जिसपर तमाम संगठन पादरी के समर्थन में आ गए हैं. 

ग्रेटर अकरा क्षेत्र के नुंगुआ जाने माने तीर्थस्थल गबोरबू वुलोमो ने शादी का बचाव करते हुए कहा है कि वह (बच्ची) अभी भी स्कूल में है. वह ग्बोरबू वुलोमो के साथ नहीं रहती है. इस शादी पर एक बेहद अटपटा तर्क देते हुए तीर्थस्थल की तरफ से ये भी कहा गया है कि हमने अन्य पुरुषों से बचने के लिए ना योमो अयेमुदे (12 वर्षीय) की पारंपरिक शादी शुरू की. जब वह परिपक्व हो जाएगी, तब हम अपना अंतिम निर्णय लेंगे.

शादी से पहले हुए अनुष्ठान पर बात करते हुए घाना में स्टार एफएम ने बताया कि 'यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई पुरुष उस बच्ची संग यौन संबंध न बनाए यह समारोह आवश्यक था.

चर्च के प्रवक्ता एनआईआई बोर्टे कोफी फ्रैंकवा द्वितीय ने विवाह के ऐतिहासिक पक्ष और इसकी आध्यात्मिक प्रासंगिकता पर बात करते हुए कहा कि 'ना योमो अयेमुदे का पुनर्जन्म हुआ है. वो एक ऐसी लड़की है जो 300 साल पहले जीवित थी और यह सुनिश्चित करने के लिए की वो वापस लौटी है तमाम तरह के पवित्र अनुष्ठान किये गए हैं.

स्टार एफएम की रिपोर्ट के अनुसार, पादरी को बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने और उसके संग बच्चे पैदा करने के लिए उसके परिपक्व होने तक का इंतजार करना होगा.

(Disclaimer: इस खबर को लिखते समय त्रुटिवश Priest का अनुवाद पुजारी हो गया था. जिसे सुधार कर पादरी कर दिया गया है. )

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