पति की कमाई 250 रुपये, वीडियो बनाने से बदली जिंदगी... ‘देहाती मैडम’ की कहानी

उत्तर प्रदेश के कौशांबी की यशोदा लोढ़ी ने अपनी मेहनत और हुनर से गांव की महिलाओं को लेकर बनी आम धारणा को बदलने की कोशिश की है. हिंदी माध्यम स्कूल से 12वीं तक पढ़ीं यशोदा आज फर्राटेदार इंग्लिश सिखाती हैं और सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं.

Advertisement
इंस्टाग्राम अकाउंट ‘इंग्लिश विद देहाती मैडम’ को 7 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं (Photo: India Today) इंस्टाग्राम अकाउंट ‘इंग्लिश विद देहाती मैडम’ को 7 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं (Photo: India Today)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

गांव की किसी महिला की तस्वीर सामने आते ही अक्सर लोगों के जेहन में खेतों में काम करती या घर संभालती महिला की छवि आती है. लेकिन उत्तर प्रदेश के कौशांबी की यशोदा लोढ़ी इस सोच को बदल रही हैं. हिंदी माध्यम स्कूल से सिर्फ 12वीं तक पढ़ीं यशोदा आज फर्राटेदार इंग्लिश बोलती हैं और सोशल मीडिया पर लाखों लोग उनके वीडियो देखते हैं. उनके इंस्टाग्राम अकाउंट ‘इंग्लिश विद देहाती मैडम’ को 7 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. खास बात यह है कि हाल ही में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी उनके एक वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया.

Advertisement

कभी कैमरे के सामने बोलने में अटकती थीं

आज यशोदा जिस आत्मविश्वास के साथ इंग्लिश सिखाती हैं, वहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था. जब उन्होंने पहली बार यूट्यूब वीडियो बनाने की कोशिश की तो कैमरे के सामने बोलते हुए बार-बार अटक जाती थीं. लिखी हुई स्क्रिप्ट भी ठीक से नहीं बोल पाती थीं. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी झिझक पर काम किया और आज वही यशोदा बच्चों को आत्मविश्वास के साथ बोलना सिखाती हैं.

यशोदा का बचपन आर्थिक तंगी के बीच गुजरा. उनके माता-पिता काम की तलाश में उत्तर प्रदेश से पंजाब चले गए थे, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की. बाद में वह कौशांबी के गांव में परिवार के साथ रहने लगीं. यहां वह ऑनलाइन इंग्लिश पढ़ाने के साथ घर के काम और खेती में भी हाथ बंटाती हैं.

पति की दुर्घटना ने बदल दी जिंदगी

Advertisement

यशोदा के परिवार की आर्थिक स्थिति हमेशा आसान नहीं रही. उनके पति की कमाई करीब 250-300 रुपये रोजाना थी और इतने पैसों में घर चलाना मुश्किल होता था. गांव में नौकरी के विकल्प भी सीमित थे. शादी के लिए लिया गया कर्ज, पति की दुर्घटना और गेहूं के खेत में लगी आग ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं.

इसी दौर में यशोदा के मन में एक सवाल आया- आखिर एक महिला अपने परिवार की आर्थिक मदद क्यों नहीं कर सकती? वह घर की जिम्मेदारियां निभाते हुए कुछ ऐसा करना चाहती थीं, जिससे परिवार की आमदनी बढ़ सके.

दिवाली पर मिले स्मार्टफोन ने बदली जिंदगी

साल 2021 में दिवाली पर मिले स्मार्टफोन ने यशोदा की जिंदगी की दिशा बदल दी. शुरुआत में वह यूट्यूब पर खाना बनाना, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसी चीजें सीखती थीं. बाद में उन्हें पता चला कि लोग यूट्यूब के जरिए पैसे भी कमा सकते हैं.

उन्होंने सबसे पहले ‘री मोटिवेशन’ नाम से चैनल शुरू किया. इसमें वह दूसरे लोगों के मोटिवेशनल वीडियो पर अपनी आवाज देती थीं. लेकिन जल्द ही उन्हें महसूस हुआ कि वह कुछ ऐसा करना चाहती हैं, जिसकी अपनी अलग पहचान हो.

फिर उन्होंने इंग्लिश से जुड़ा कंटेंट बनाने का फैसला किया. दिसंबर 2022 में उन्होंने उस चैनल पर काम शुरू किया, जो आगे चलकर ‘इंग्लिश विद देहाती मैडम’ के नाम से उनकी पहचान बन गया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में कैसे मनाते हैं नवरात्रि? लड़की ने गरबा-भंडारे से लेकर पूजा तक दिखाया, VIDEO

‘देहाती’ शब्द को बनाया अपनी ताकत

यशोदा के चैनल का नाम भी उनकी कहानी का अहम हिस्सा है. ‘देहाती’ शब्द को अक्सर गांव से जुड़े व्यक्ति के लिए तंज या कमतर समझने के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन यशोदा ने इसी शब्द को अपनी ताकत बना लिया.

उनका कहना है कि ‘देहाती’ उनकी पहचान है. वह दिखाना चाहती हैं कि गांव की महिला भी बहुत कुछ कर सकती है. उनके लिए हिंदी माध्यम से पढ़ाई करना या गांव में रहना कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी कहानी का हिस्सा है.

प्रियंका चोपड़ा ने शेयर किया वीडियो

यशोदा की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई. उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचने लगे. हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने भी उनका एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया. यशोदा को इसकी जानकारी अपने छात्रों से मिली.

यशोदा बताती हैं कि उनका दिन सिर्फ ऑनलाइन क्लास लेने में नहीं गुजरता. उन्हें घर की सफाई, बर्तन धोने और दूसरे घरेलू काम भी करने होते हैं. कई बार वह खेत के काम में भी परिवार की मदद करती हैं. ऐसे में प्रियंका चोपड़ा का उनके वीडियो को शेयर करना उनके लिए बेहद खास पल था.

Advertisement

स्यह भी पढ़ें: स्विट्जरलैंड या कश्मीर? VIDEO देखकर फर्क करना हो जाएगा मुश्किल

गांव की महिलाओं के लिए क्या संदेश है?

यशोदा का मानना है कि पैसे या डिग्री की कमी किसी महिला के सपनों को खत्म नहीं कर सकती. वह गांव की महिलाओं से कहती हैं कि अगर उनके पास स्मार्टफोन है तो वे उससे नई चीजें सीख सकती हैं और अपनी किसी भी कला को दूसरों तक पहुंचा सकती हैं.

उनका संदेश है कि महिलाएं खाना बनाने, सिलाई, कढ़ाई या किसी भी दूसरे हुनर को सीखकर और सिखाकर आगे बढ़ सकती हैं. इसके लिए सबसे जरूरी है सीखने की इच्छा और लगातार मेहनत.

आज यशोदा लोढ़ी के पास घर की जिम्मेदारियां भी हैं, खेत का काम भी है और ऑनलाइन पढ़ाने का काम भी. लेकिन इन सबके बीच उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बना ली है. कभी कैमरे के सामने एक स्क्रिप्ट बोलने में झिझकने वाली यशोदा आज हजारों लोगों को आत्मविश्वास के साथ इंग्लिश बोलना सिखा रही हैं और गर्व से खुद को ‘देहाती मैडम’ कहती हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »