साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट मैच में अपने करियर की सबसे बड़ी पारी खेलकर टीम को संकट से बाहर निकाला. उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए पहली पारी में 179 रन बनाए और दिखाया कि बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए लंबे कद से ज्यादा तकनीक और धैर्य जरूरी है. खास बात यह है कि बावुमा अपनी बल्लेबाजी में भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर की तकनीक से प्रेरणा लेते हैं.
साउथ अफ्रीका ने 110 रनों के स्कोर तक छह विकेट गंवा दिए थे. ऐसे में बावुमा ने पहले मार्को जानसेन के साथ सातवें विकेट के लिए 132 रन जोड़े. जानसेन के आउट होने के बाद साइमन हार्मर ने उनका साथ दिया और दोनों ने आठवें विकेट के लिए 183 रनों की साझेदारी की. इस तरह साउथ अफ्रीका ने पहली पारी 425/9 के स्कोर पर घोषित की.
टेम्बाा वुमा ने इस मैराथन पारी के दौरान 334 गेंदों का सामना किया. उनकी पारी में 18 चौके और एक छक्का शामिल रहा. करीब 5 फीट 4 इंच लंबे बावुमा ने मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, स्कॉट बोलैंड और पैट कमिंस जैसे तेज गेंदबाजों के सामने शानदार संयम दिखाया.
टेम्बाा बावुमा ने बताया कि वह सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी तकनीक का अनुसरण करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी लंबाई ज्यादा नहीं है, इसलिए वह बड़े कदम निकालने के बजाय गेंद को शरीर के करीब रहकर खेलना पसंद करते हैं. उनके मुताबिक, यह तरीका उनके लिए कारगर साबित होता है, हालांकि कभी-कभी इससे मुश्किल भी होती है.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड शानदार रहा है. उन्होंने इस टीम के खिलाफ 39 टेस्ट मैचों में 55.00 की औसत से 3630 रन बनाए थे. बावुमा ने भी कंगारुओं के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. उनका इस टीम के विरुद्ध टेस्ट औसत 45.17 है.
टेस्ट क्रिकेट में टेम्बा बावुमा का कुल औसत 38.76 है, जबकि कप्तान के रूप में यह बढ़कर 54.36 हो जाता है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह एक शतक के अलावा पांच अर्धशतक लगा चुके हैं. उनकी पिछली अहम पारियों में केपटाउन में नाबाद 95 रन और लॉर्ड्स में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के दौरान बनाए गए 66 रन शामिल हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क