भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने क्रिकेट के मैदान से बाहर निकलकर एक बड़ी पारी की शुरुआत की है. स्मृति यूनिसेफ इंडिया (UNICEF India) से 'सेलिब्रिटी एडवोकेट' के रूप में जुड़ गई हैं.
मंधाना का यह कदम बच्चों के अधिकारों, लैंगिक समानता और खासकर युवा लड़कियों को समान अवसर दिलाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है. इस खास मौके पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले और यूनिसेफ से जुड़े सचिन तेंदुलकर ने स्मृति का यूनिसेफ परिवार में गर्मजोशी से स्वागत किया.
पिछले एक दशक से अधिक समय से बच्चों के कल्याण और शिक्षा के लिए काम कर रहे सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर स्मृति मंधाना का हौसला बढ़ाते हुए लिखा कि यूनिसेफ इंडिया परिवार में आपका स्वागत है, स्मृति! आप मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि आप मैदान के बाहर भी बच्चों के अधिकारों के लिए एक बेहतरीन और बुलंद आवाज बनेंगी.
यूनिसेफ से जुड़ने के बाद स्मृति ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे 9 साल की उम्र में वह सिर्फ मजे के लिए अपने भाई के साथ पहली बार क्रिकेट ट्रायल में गई थीं. उनके पिता ने हमेशा क्रिकेट खेलने के लिए उनका हौसला बढ़ाया, जबकि मां पढ़ाई और खेल के संतुलन का ध्यान रखती थीं.
स्मृति ने कहा कि मैंने अपना रास्ता खुद चुना और आज गर्व से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं. पीछे मुड़कर देखने पर मुझे अहसास होता है कि हर लड़की को अपना रास्ता चुनने, अपने सपनों को पूरा करने और अपनी काबिलियत को पहचानने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए. लड़की होना कभी भी इस बात की रुकावट नहीं बनना चाहिए कि वह कितनी आगे जा सकती है.
मिली है कप्तानी की जिम्मेदारी
हाल ही में 6 अक्टूबर 2026 को बीसीसीआई ने हरमनप्रीत कौर के इस्तीफे के बाद स्मृति को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई फुल-टाइम कप्तान नियुक्त किया है. वह जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज से बतौर कप्तान अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत करेंगी. अब सचिन तेंदुलकर के साथ और यूनिसेफ के मंच के जरिए स्मृति देश की हर बेटी को आगे बढ़ने का नया हौसला देंगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क