टीम इंडिया से बाहर चल रहे करुण नायर ने एक बार फिर अपने बल्ले का दम दिखाया है. 34 साल के इस बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से खेलते हुए आंध्र प्रदेश के खिलाफ दूसरी पारी में नाबाद 155 रन ठोक दिए. विजयवाड़ा में बुधवार को खेला गया यह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ.
करुण ने 242 गेंदों का सामना करते हुए अपनी पारी में 16 चौके और 2 छक्के लगाए. यह रणजी ट्रॉफी में उनका 20वां शतक है. पहली पारी में वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने शानदार वापसी की. इस दौरान उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ और ललित मोहन के खिलाफ आगे बढ़कर दो शानदार छक्के भी लगाए.
कर्नाटक ने पहली पारी में 274 रन बनाए, जबकि आंध्र प्रदेश ने 418 रन बनाकर बढ़त हासिल की. कर्नाटक ने दूसरी पारी में 337/9 के स्कोर पर पारी घोषित की और आंध्र को 194 रन का लक्ष्य मिला. मैच ड्रॉ होने तक आंध्र ने दूसरी पारी में 4 विकेट पर 104 रन बना लिए थे.
घरेलू क्रिकेट में रनों से वापसी की कोशिश
करुण नायर के लिए पिछले कुछ महीने उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. उन्हें 2026 दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल, दोनों मुकाबलों के लिए नहीं चुना गया था. इसके बाद वह बेंगलुरु लौटे और कर्नाटक के पारंपरिक रेड-बॉल टूर्नामेंट थिम्माप्पैया ट्रॉफी में KSCA सेक्रेटरी XI की ओर से खेले. यह टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी सीजन की तैयारी के लिए आयोजित किया जाता है.
करुण ने पिछले साल 2025 में भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की थी. वह इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में खेले थे, जो 2-2 से ड्रॉ रही थी. उनकी यह वापसी घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का नतीजा थी. हालांकि उस सीरीज के 4 मुकाबलों में उन्होंने 25.62 के एवरेज से 205 रन बनाए थे.
2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन में विदर्भ की ओर से खेलते हुए करुण ने 863 रन बनाए थे. इस दौरान उनका औसत 53.93 रहा था और विदर्भ ने खिताब जीता था. विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनका बल्ला जमकर बोला था. उन्होंने 8 पारियों में 5 शतक लगाए और 389.50 के असाधारण औसत से रन बनाए.
उनके इसी प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था और उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिला. अब आंध्र के खिलाफ नाबाद 155 रन की पारी खेलकर करुण ने एक बार फिर साबित किया है कि घरेलू क्रिकेट में रन बनाने की उनकी भूख अभी कम नहीं हुई है और उनके अंदर आग बाकी है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क