'सचिन पाजी हमेशा सचिन पाजी रहेंगे...', तेंदुलकर से खुद की तुलना से खुश नहीं कोहली

विराट कोहली की तुलना अक्सर सचिन तेंदुलकर से की जाती रही है. वेस्टइंडीज के खिलाफ धमाकेदार शतक जड़ने के बाद एक बार फिर कोहली और सचिन को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म है. अब इस पर खुद विराट कोहली ने चुप्पी तोड़ दी है.

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कोहली ने खोला राज. (PHOTO: AP/AFP) कोहली ने खोला राज. (PHOTO: AP/AFP)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:44 PM IST

भारतीय टीम के रन मशीन विराट कोहली का बल्ला लगातार हल्ला बोल रहा है. टी20 और टेस्ट से संन्यास लेने के बावजूद वनडे में कोहली का विराट फॉर्म जारी है. वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ही वनडे में कोहली ने बल्ले से छाप छोड़ दी है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे करियर का 55वां शतक जड़ने और 15,000 रन पूरे करने के बाद कोहली को लेकर चर्चाएं तेज हैं. अक्सर विराट कोहली की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती रही है. अब कोहली ने तेंदुलकर के साथ अपनी तुलना और उनके साथ रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है.

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भले ही विराट कोहली ने शतकों के मामले में कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए हों और सबसे तेजी से 15,000 वनडे रन बनाने का मुकाम हासिल कर लिया हो. लेकिन कोहली आज भी सचिन को अपना आदर्श मानते हैं. इस बारे में बात करते हुए कोहली ने साफ कहा कि उनकी और सचिन की तुलना का कोई मतलब नहीं बनता.

कोहली ने अपने दिल की बात कहते हुए कहा कि मेरे लिए सचिन पाजी हमेशा सचिन पाजी ही रहेंगे और एमएस धोनी मेरे पहले कप्तान के रूप में हमेशा वही रहेंगे. मेरे अंदर ये चीजें कभी नहीं बदल सकतीं. उन्होंने अपने दौर में खेल में जो क्रांति लाई, वह नंबरों और तुलनाओं से बहुत ऊपर है. लोगों पर उन्होंने जो प्रभाव छोड़ा है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.

कोहली ने कही दिल जीतने वाली बात

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विराट का मानना है कि खेल में अहंकार ही इंसान का अंत कर देता है. उन्होंने कहा कि वह खुद को कभी किसी से बेहतर नहीं मानते. अगर आप जमीन से जुड़े रहते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं और सही चीजें करते हैं तो अहंकार के लिहाज से आप कभी इस स्थिति में नहीं पहुंच सकते कि आप कहें कि मैं बाकी सबसे बेहतर हूं. क्योंकि वही आपका अंत होता है.

फैन्स से मिलने वाले प्यार और अपनी पब्लिक इमेज के बारे में बात करते हुए कोहली ने बड़े ही सहज अंदाज में कहा कि वह खुद को उस नजर से नहीं देखते, जिस तरह दुनिया उन्हें देखती है.

उन्होंने कहा कि जब खेल से प्यार करने वाले लोग मुझसे मिलते हैं तो मैं उनके नजरिए को पूरी तरह समझ नहीं पाता. जिस तरह से वे मुझे दूर से जानते हैं, मैं खुद को वैसा नहीं देखता. मैं जानता हूं कि मैं कहां से आया हूं और मैं आज भी वही इंसान हूं.

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