मॉनसून क्या आया! अजगर, मगरमच्छ, तेंदुआ सब आ गए...हरिद्वार में हड़कंप

हरिद्वार में मॉनसून में तेंदुआ, मगरमच्छ और अजगर आबादी क्षेत्रों में घुस रहे हैं. वन विभाग रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ रहा है. राजाजी पार्क और गंगा के पास शहर बसने से दहशत चुनौती बढ़ गई है.

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मॉनसूनी बारिश आते ही जंगली जानवर हरिद्वार में आने लगते हैं. (Photo: ITG) मॉनसूनी बारिश आते ही जंगली जानवर हरिद्वार में आने लगते हैं. (Photo: ITG)

मुदित अग्रवाल

  • हरिद्वार,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:39 PM IST

हरिद्वार में मॉनसून की भारी बारिश के साथ जंगली जानवरों के आबादी क्षेत्रों में निकलने का सिलसिला तेज हो गया है. कहीं तेंदुआ घूम रहा है. कहीं मगरमच्छ दिख रहा है तो कहीं अजगर सड़कों पर नजर आ रहा है. इससे आम लोगों में दहशत का माहौल फैल गया है. वन विभाग को शहर में घुसने वाले इन जानवरों का रेस्क्यू करके जंगल में सुरक्षित छोड़ने की जिम्मेदारी बढ़ गई है. 

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हरिद्वार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि एक तरफ राजाजी नेशनल पार्क और वन क्षेत्र है तो दूसरी तरफ गंगा बह रही है. बीच में पूरा शहर बसा हुआ है. इसी वजह से जानवर अक्सर आबादी में चले आते हैं. जगजीतपुर इलाके में एक मगरमच्छ गंगा से निकलकर आबादी क्षेत्र में पहुंच गया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर वापस गंगा में छोड़ दिया. 

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लोगों में दहशत और सुरक्षा उपाय

बिलकेश्वर कॉलोनी जैसी पॉश कॉलोनी में एक दिन पहले रात को तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ. शहर के अलग-अलग स्थानों पर अजगर भी निकले, जिन्हें विभाग ने पकड़कर जंगल में छोड़ दिया. इन घटनाओं से लोग परेशान हैं. सतर्कता बरत रहे हैं. मॉनसून में बारिश के कारण जानवरों के प्राकृतिक आवास प्रभावित होते हैं, जिससे वे भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में शहर की ओर बढ़ते हैं.

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हरिद्वार राजाजी नेशनल पार्क से सटा हुआ है. गंगा नदी भी पास बहती है. शहर का विस्तार वन क्षेत्रों के करीब होने से मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है. मॉनसून में बाढ़ और जलभराव से जानवर विस्थापित हो जाते हैं. वन विभाग की टीमें लगातार अलर्ट मोड में हैं. वे रेस्क्यू कर जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ रहे हैं. लेकिन आबादी के बढ़ते दबाव और शहरीकरण से यह समस्या और जटिल होती जा रही है. 

जंगली जानवरों के बार-बार निकलने से निवासियों में डर का माहौल है. बच्चे और बुजुर्ग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं. रात के समय लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं. प्रशासन और वन विभाग ने अपील की है कि किसी जानवर को देखकर घबराएं नहीं, नजदीक न जाएं और तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करें. मॉनसून के दौरान ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए जागरूकता जरूरी है. 
 

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