हवाई के प्रसिद्ध ज्वालामुखी कीलाउए 17 अक्टूबर 2026 को 55वीं बार फटा. हवाई ज्वालामुखी राष्ट्रीय उद्यान में उत्तरी वेंट से 700 फुट ऊंचे लावा के फव्वारे निकले. राख का बादल 25,000 फुट तक पहुंच गया. यह नजारा करीब छह घंटे चला और सुबह 9:03 बजे खत्म हुआ. दिसंबर 2024 से चल रहे विस्फोटों का यह नया चैप्टर था.
सुबह 3:19 बजे हवाई समय पर उत्तरी वेंट से लावा के फव्वारे शुरू हुए. पांच बजे तक ये 700 फुट से ज्यादा ऊंचे हो गए. लावा क्रेटर के फर्श पर फैल गया. आग के पंख जैसे चमकते दृश्य देखने को मिले. अंतरिक्ष से भी राख का विशाल बादल दिख रहा था. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के हवाईयन ज्वालामुखी वेधशाला ने इसकी पुष्टि की. हवा उत्तर-पूर्व से चल रही थी, इसलिए गैस और सामग्री दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली.
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लगभग दो महीने बाद यह फिर फटा है. पिछली बार 25 अगस्त को फटा था. बीच में छोटी-छोटी गतिविधियां चलती रहीं, लेकिन इतने ऊंचे फव्वारे नहीं निकले. पूरा विस्फोट हलेमाउमाउ क्रेटर के अंदर सीमित रहा, जिससे आसपास के इलाकों को बड़ा खतरा नहीं हुआ.
खतरा और सतर्कता
लावा का फव्वारा खत्म होने के बाद अधिकारियों ने अलर्ट लेवल घटा दिया. फिर भी पार्क के अंदर गैस का खतरा बना हुआ है. सल्फर डाइऑक्साइड से वॉग यानी ज्वालामुखीय कोहरा बन सकता है, जो सांस की समस्या पैदा करता है. पर्यटकों को आधिकारिक सलाह मानने और बंद क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है.
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कीलाउए सक्रिय ज्वालामुखी है. ऐसे विस्फोट होते रहते हैं. वैज्ञानिक लगातार निगरानी कर रहे हैं. मैग्मा का दबाव बढ़ने से ये फव्वारे निकलते हैं. यह प्रक्रिया ज्वालामुखी की गतिशीलता को समझने में मदद करती है.
आजतक साइंस डेस्क