राजस्थान में कानून-व्यवस्था में सुधार और हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना को लेकर भजनलाल शर्मा सरकार के मंत्रियों ने अपना पक्ष रखा. ‘पंचायत आजतक राजस्थान’ के सत्र ‘विकसित राजस्थान का ब्लूप्रिंट!’ में राजस्थान के गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने दावा किया कि राज्य में अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है. वहीं, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश सिंह रावत ने ईआरसीपी परियोजना को राजस्थान के लिए अहम बताते हुए कहा कि इससे 17 जिलों और राज्य की करीब 40 प्रतिशत आबादी को फायदा मिलने की उम्मीद है.
जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने अपराधों पर लगाम लगाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया है. उनके मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान राजस्थान में दुष्कर्म, लूट, डकैती और नशे के कारोबार जैसी समस्याएं बढ़ी थीं. मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सभी प्रकार के अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी के मामलों पर नियंत्रण के लिए 27 राज्यों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा करके कार्ययोजना तैयार की गई और उसके आधार पर कार्रवाई की गई.
गृह मंत्री ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया गया है. विदेशों में छिपे अपराधियों को वापस लाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि अपराधियों की संपत्तियों पर कार्रवाई करने से लेकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.
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महिलाओं की सुरक्षा के लिए कालिका यूनिट का जिक्र
महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए जवाहर सिंह बेढम ने कालिका यूनिट का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को परेशान किए जाने की स्थिति में पुलिस तक सूचना पहुंचाने के लिए ऐप की सुविधा भी दी गई है. इसके जरिए शिकायत मिलने पर पुलिस तत्काल पहुंचने का प्रयास करती है. गृह मंत्री के मुताबिक, कालिका यूनिट की गश्त से महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है. उन्होंने कहा कि सरकार राजस्थान को शांतिप्रिय प्रदेश बनाने के लिए काम कर रही है और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
अशोक गहलोत के आरोपों पर क्या बोले बेढम?
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से उठाए गए सवालों का भी जिक्र हुआ. चर्चा में भरतपुर में पूर्व विधायक जगत सिंह भड़ाना की हत्या, जयपुर में लूट की घटना, टोंक में एसडीएम पर हमले और विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकियों जैसे मामलों को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि कुछ घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन सरकार ने इनके बाद कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद घटनाओं का संज्ञान लेते हैं और अपराध के प्रति सरकार की नीति सख्त है.
अशोक गहलोत की ओर से गृह विभाग संभालने और कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने को लेकर उठाए गए सवालों पर बेढम ने पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत कांग्रेस में अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं. बेढम ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए और कहा कि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में पर्यटकों और निवेशकों की रुचि बढ़ी है और राजस्थान की छवि में सुधार हुआ है.
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44 लाख घरों तक नल से जल पहुंचाना चुनौती
राजस्थान में पेयजल की समस्या और जल जीवन मिशन की प्रगति पर भी चर्चा हुई. राज्य में करीब 44 लाख घरों को अब भी नल से पानी मिलने का इंतजार है. इस सवाल पर सुरेश सिंह ने कहा कि राजस्थान भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पानी की कमी का सामना करता है. यहां बड़ी मात्रा में पानी की उपलब्धता बारिश और सीमित नदी स्रोतों पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार राजस्थान को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में काम कर रही है.
जल जीवन मिशन को लेकर रावत ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में पहले गड़बड़ियां हुईं, जिनकी वजह से व्यवस्था प्रभावित हुई. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार उन कमियों को दूर करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर जल के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है.
ईआरसीपी परियोजना से 17 जिलों को फायदा मिलने की उम्मीद
सुरेश सिंह रावत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इस परियोजना के जरिए चंबल के पानी को व्यवस्थित तरीके से उन क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना है, जहां पानी की कमी है.
रावत के मुताबिक, करीब 96 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से राजस्थान के 17 जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है. उन्होंने दावा किया कि इससे राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को फायदा होगा. परियोजना में पेयजल आपूर्ति के साथ सिंचाई और औद्योगिक विकास की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है.
मंत्री ने कहा कि परियोजना के जरिए करीब चार लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलने का लक्ष्य रखा गया है. इससे खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ उद्योगों के विकास के लिए भी पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
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