अप्रैल 2025 की बात है. जबलपुर के ग्वारीघाट इलाके में रहने वाले बिजनेसमैन की सोशल मीडिया पर एक लड़की से मुलाकात हुई. नाम था पूजा रैदास. बातचीत शुरू हुई तो दोनों के बीच दोस्ती हो गई. फिर मैसेज और कॉल का सिलसिला बढ़ा. धीरे-धीरे बात दोस्ती से आगे बढ़ी और दोनों के बीच प्यार की बातें होने लगीं. बिजनेसमैन को पूजा ने बताया कि वह एक स्टूडेंट है. बिजनेसमैन को शायद तब अंदाजा भी नहीं था कि आने वाले दिनों में यही रिश्ता उसके लिए परेशानी का सबब बनने वाला है.
पुलिस के मुताबिक, पूजा असल में जबलपुर के एक बार में डांसर का काम करती थी. वह उमरिया जिले की रहने वाली है और दो बच्चों की मां है. बिजनेसमैन और पूजा के बीच नजदीकियां बढ़ीं तो व्यापारी उसके लिए खर्च करने लगा. पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक कई बार पूजा को उसके गांव तक छोड़ने भी जाता था. इस दौरान उसके कहने पर महंगी गाड़ियां, महंगे तोहफे और दूसरी चीजें खरीदकर दी गईं.
रिश्ता जितना आगे बढ़ता गया, खर्च का सिलसिला भी बढ़ता गया. शुरुआत में जो चीजें प्यार और रिश्ते का हिस्सा लग रही थीं, बाद में वही युवक के लिए मुश्किल बनती चली गईं. पुलिस की जांच के मुताबिक, कुछ समय बाद पूजा ने व्यापारी से बड़ी रकम की मांग शुरू कर दी.
और इस बार रकम छोटी नहीं थी... 20 लाख रुपये. युवक ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार कर दिया. इसके बाद आरोप है कि पूजा ने उसे धमकाना शुरू कर दिया. पुलिस के मुताबिक, उसे झूठे पुलिस केस और रेप के मामले में फंसाने की धमकी दी गई. यानी अब मामला सिर्फ पैसे देने या नहीं देने का नहीं था. व्यापारी के सामने डर भी था.
20 लाख से शुरू हुई बात 7 लाख पर आकर रुकी
पुलिस के मुताबिक, लगातार दबाव बनाए जाने के बाद काफी बातचीत हुई. आखिरकार 20 लाख रुपये की मांग घटकर 7 लाख रुपये पर आ गई. युवक लगातार परेशान था. एक तरफ पैसे की मांग थी और दूसरी तरफ केस में फंसाने की धमकी. आखिरकार 18 सितंबर को उसने पुलिस के पास जाने का फैसला किया. युवक कोतवाली थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी कहानी बताई. उसने लिखित शिकायत भी दी. पुलिस के सामने अब चुनौती थी कि शिकायत पर कार्रवाई कैसे की जाए और अगर वसूली की जा रही है, तो आरोपी को सबूत के साथ कैसे पकड़ा जाए.
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यहीं से शुरू हुआ पुलिस का प्लान. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने युवक को ही इस ऑपरेशन का हिस्सा बनाया. पुलिस के निर्देश पर उसने पूजा को फोन किया. उसने बताया कि वह पहली किस्त के तौर पर 2.5 लाख रुपये का इंतजाम कर चुका है. पैसे लेने की बात सामने आई तो मुलाकात की जगह तय हुई. जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के गोपालबाग में स्थित होटल में मिलना था. रविवार दोपहर का वक्त तय हुआ. होटल के आसपास पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में तैनात थे. महिला पुलिसकर्मियों को भी टीम में शामिल किया गया था.
रविवार को युवक और पूजा होटल में मिले. बातचीत हुई और इसके बाद युवक ने 2.5 लाख रुपये से भरा बैग पूजा को दे दिया. पूजा ने कथित तौर पर बैग लिया और वहां से बाहर निकलने लगी. जैसे ही वह बाहर निकली, पुलिस टीम ने उसे घेर लिया. पूजा को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 2.5 लाख रुपये नकद मिले. इसके बाद उसे कोतवाली थाने ले जाया गया. जिस रकम को लेने के लिए वह होटल पहुंची थी, वही रकम अब उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई में अहम सबूत बन गई.
पुलिस के मुताबिक, पूजा के खिलाफ एक्सटॉर्शन की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. उसकी गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को भी दे दी गई है. पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है. बल्कि अब एक और सवाल सामने है. क्या इस पूरे मामले में पूजा अकेली थी? पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई और लोग भी हो सकते हैं. इसलिए अब आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है. उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, WhatsApp चैट और दूसरे डिजिटल डेटा को खंगाला जा रहा है.
जांच का मकसद यह पता लगाना है कि व्यापारी से जुड़ा यह मामला अकेला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. अगर मोबाइल की जांच में दूसरे लोगों की भूमिका सामने आती है, तो कहानी का दायरा और बड़ा हो सकता है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इससे पहले किसी और व्यक्ति को इसी तरह संपर्क में लेकर पैसे की मांग की गई थी. फिलहाल जबलपुर पुलिस ने व्यापारी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पूजा रैदास को कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये की वसूली के दौरान गिरफ्तार किया है. आगे की जांच में ही मामले के बाकी पहलुओं का खुलासा होगा.
धीरज शाह