Gen Z Dating Culture: Gen Z में क्रश रिसेशन! क्यों कम हो रहा है डेटिंग का क्रेज़?

जेन जी के बीच डेटिंग को लेकर इंटरेस्ट कम होने की चर्चा हो रही है. नए लोगों से मिलना, डेटिंग ऐप चलाना और रिजेक्शन का डर कुछ यंगस्टर्स को थका रहा है. इसी ट्रेंड को ‘क्रश रिसेशन’ कहा जा रहा है. साल 2025 के एक सर्वे में 53% सिंगल लोगों ने कहा कि वे डेटिंग से थक चुके हैं और 46% ने इससे ब्रेक लिया. क्या जेन जी प्यार से नहीं, बल्कि डेटिंग के झंझट से परेशान है?

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क्या डेटिंग से उब चुकी है जेन जी? क्या डेटिंग से उब चुकी है जेन जी?

सारा सिंह

  • नई दिल्ल,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

किसी पर क्रश होना, उससे बात करने का मन करना और उसके मैसेज का इंतजार करना. ये सब प्यार की शुरुआत में आम बातें हैं. लेकिन आज कुछ जेन जी युवा किसी को पसंद करने के बाद भी उससे बात करने या डेटिंग करने में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं दिखा रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस बदलाव को ‘क्रश रिसेशन’ कहा जा रहा है. 

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क्या है क्रश रिसेशन?
'क्रश रिसेशन’ एक ऐसा ट्रेंड है, जिसमें लोगों का क्रश बनाने, किसी को डेट करने या रोमांटिक रिलेशनशिप में आने का एक्साइटमेंट कम हो रहा है. आसान शब्दों में, लोग प्यार तो चाहते हैं, लेकिन किसी को ढूंढने और डेटिंग करने की प्रोसेस से थकने लगे हैं. इसके पीछे डेटिंग ऐप्स से बोरियत, रिजेक्शन का डर, पैसों की टेंशन और रिलेशनशिप से जुड़ा स्ट्रेस जैसी वजहें हो सकती हैं. ये शब्द खासकर जेन जी की डेटिंग लाइफ को लेकर चर्चा में है. हालांकि, ‘क्रश रिसेशन’ अभी कोई साइंटिफिक रूप से साबित ट्रेंड नहीं है.

साइकोलॉजी टुडे में पबलिश्ड एक आर्टिकल के मुताबिक, आज कुछ सिंगल लोग डेटिंग को लेकर पहले जितने एक्साइटेड नहीं हैं. इसके पीछे डेटिंग से होने वाली थकान, पैसों की परेशानी और रिश्तों को लेकर बढ़ती उलझन जैसी वजहें हो सकती हैं. हालांकि, क्रश रिसेशन कोई साइंटिफिक वे से तय ट्रेंड नहीं है. ये सोशल मीडिया पर यूज होने वाला एक शब्द है.

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डेटिंग से क्यों दूर हो रहे हैं लोग?

आज किसी को पसंद करना ही काफी नहीं है. उससे बात करने, मिलने और रिश्ता आगे बढ़ाने के लिए वक्त, पैसे और एफर्ट्स की भी जरूरत होती है. और इसके बाद भी चीजें किस डायरेक्शन में जाए कुछ पता नहीं होता.

साइकोलॉजी टुडे के आर्टिकल के मुताबिक डेट पर जाने का खर्च, काम का स्ट्रेस और फ्यूचर को लेकर चिंता लोगों का एक्साइटमेंट कम कर सकती है. डेटिंग ऐप पर बार-बार नए लोगों से मिलना और रिश्ते को लेकर साफ जवाब न मिलना भी मेंटली थका सकता है. कुछ लोगों को रिजेक्शन का डर रहता है. इसलिए वे किसी को पसंद करने के बाद भी पहला मैसेज करने या अपनी फीलिंग्स बताने से बचते हैं. वहीं, कुछ लोग डेटिंग से ब्रेक लेना पसंद करते हैं.

यह भी पढ़ें: Gen Z Monday Blues: सोमवार को ऑफिस जाने से क्यों घबराता है Gen Z? रात से ही होने लगती है ये टेंशन

किन्से इंस्टीट्यूट की स्टडी में क्या मिला?

किन्से इंस्टीट्यूट और डेटिंग कंपनी मैच की साल 2025 की ‘सिंगल्स इन अमेरिका’ स्टडी में 5,001 सिंगल लोगों को शामिल किया गया था.

स्टडी के मुताबिक, 53 फीसदी लोगों ने कहा कि वे डेटिंग से थक चुके हैं. वहीं, 46% लोगों ने कुछ वक्त के लिए डेटिंग से ब्रेक लिया था. इसके अलावा, 63% लोगों ने कहा कि उन्होंने लोगों को किसी से बातचीत शुरू करने या पहला कदम उठाने में कम इंटरेस्ट लेते देखा.

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क्या जेन जी को प्यार नहीं चाहिए?

क्रश रिसेशन का मतलब ये नहीं है कि युवाओं को प्यार नहीं चाहिए. हो सकता है कि वे रिश्ता तो चाहते हों, लेकिन डेटिंग की कोशिशों और उससे होने वाली थकान से बचना चाहते हों.

हर किसी का अनुभव अलग होता है. कुछ लोग डेटिंग करना पसंद करते हैं, तो कुछ अकेले रहकर खुश हैं. इसलिए क्रश रिसेशन को ये कहना सही नहीं होगा कि जेन जी ने प्यार करना छोड़ दिया है. ये बस डेटिंग को लेकर कुछ लोगों के बदलते रवैये को बताने वाला एक नया शब्द है.

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