दोपहर के खाने में अगर गरमा-गरम चावल के साथ कढ़ी मिल जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है. लेकिन रोज-रोज वही पकौड़े वाली, आलू या सादी बेसन की कढ़ी खाकर अगर आपका मन ऊब गया है तो आज रसोई में कुछ नया और चटपटा ट्राई करें. गुजरात के काठियावाड़ की फेमस काठियावाड़ी लहसुन वाली कढ़ी स्वाद में बेहद तीखी, खट्टी और खुशबूदार होती है.
इसमें लहसुन और साबुत लाल मिर्च के स्पेशल तड़के का स्वाद ऐसा रच-बस जाता है कि इसे खाने के बाद आप बाकी सभी कढ़ी का स्वाद भूल जाएंगे. यह बनाने में जितनी आसान है, चावल या बाजरे की रोटी के साथ खाने में उतनी ही स्वादिष्ट लगती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.
रेसिपी की सामग्री
खट्टा दही- 1 कप
आटा दही 1 कप
बेसन- बेसन 1/4 कप
हल्दी पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर -1/2 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर -1/2 चम्मच
जीरा पाउडर -1/2 छोटा चम्मच
नमक - स्वादानुसार नमक
पानी - 3 कप
लहसुन-मिर्च का पेस्ट
लहसुन - लहसुन 10-12 लौंग
हरी मिर्च - हरी मिर्च 2
मूंगफली का तेल- 1-2 बड़े चम्मच
राई आधा चम्मच
जीरा - आधा चम्मच
हींग -चुटकी भर
मेथी दाना एक चुटकी
तेज पत्ता 2 NOS.
दालचीनी स्टिक 1 छोटी
करी पत्ता 10
अंतिम तड़का:
घी 1 बड़ा चम्मच
सूखी लाल मिर्च 2
कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर -1/2 छोटा चम्मच
काली मिर्च पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच
ताजा धनिया एक मुट्ठी (कटा हुआ)
बनाने का तरीका:
एक कटोरे के ऊपर एक छलनी रखें. छलनी में खट्टा दही और बेसन डालें और सभी को एक साथ छान लें ताकि गुठलियां निकल जाएं.
अब इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, तीखी लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर और नमक डालें. अच्छी तरह फेंटें. कढ़ी का घोल बनाने के लिए पानी डालें और अच्छी तरह मिलाएं. एक तरफ रख दें.
एक अब एक खलबट्टे में लहसुन और हरी मिर्च डालकर दरदरा कूट लें और पेस्ट बना लें. इसे अलग रख दें.
एक अलग कड़ाही को मध्यम आंच पर गरम करें और उसमें मूंगफली का तेल डालें. तेल गरम होने पर राई और जीरा डालें. जब वो चटकने लगे तो हींग, मेथी दाना, तेजपत्ता, दालचीनी का टुकड़ा और करी पत्ता डालें. थोड़ी देर भूनें जब तक कि अच्छी खुशबू न आने लगे.
कढ़ी के मिश्रण को एक बार फिर चलाएं और धीरे-धीरे कड़ाही में डालें, साथ ही लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. अच्छी तरह मिलाएं.
कढ़ी को धीमी आंच पर उबलने दें. जब इसमें उबाल आने लगे, तो आंच मध्यम कर दें और करी पत्ते की डंठल डालें. कढ़ी को 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें.
धीमी आंच पर पकने के बाद, कड़ाही को ढक दें और कढ़ी को 15 मिनट तक पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें. कढ़ी का रंग और खुशबू अच्छी हो जानी चाहिए. अपनी पसंद के अनुसार गाढ़ापन एडजस्ट करें.
पकने के बाद, परोसने में आसानी के लिए करी पत्ते की डंठल और तेजपत्ते निकाल दें. चखें और ज़रूरत हो तो नमक एडजस्ट करें.
आखिरी तड़के के लिए, एक छोटे पैन में घी गरम करें. सूखी लाल मिर्च और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत इस तड़के को कढ़ी के ऊपर डालें.
अंत में कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालें. काठियावाड़ी कढ़ी तैयार है. इसे बाजरे की रोटी, चावल या पुलाव के साथ गरमा-गरम परोसें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क