रसोई घर हमारे घर का सबसे अहम हिस्सा होता है, जहां पूरे परिवार के लिए खाना बनता है और बर्तन साफ होते हैं. हम बर्तनों को चमकाने के लिए रोजाना जिस जूने, स्क्रबर या स्पंज का इस्तेमाल करते हैं, उसे लेकर अक्सर हम एक बड़ी लापरवाही कर बैठते हैं. हम उसे तब तक इस्तेमाल करते रहते हैं जब तक वह पूरी तरह घिस न जाए या फट न जाए.लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका यह बर्तन धोने वाला जूना टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदा और खतरनाक हो सकता है.
इसमें पनपने वाले बैक्टीरिया आपकी और आपके पूरे परिवार की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं. आइए जानते हैं कि बर्तन धोने वाले जूने को कितने दिनों में बदल देना चाहिए और इसके पीछे की असली वजह क्या है.
1. कितने दिन में बदल देना चाहिए जूना या स्पंज
हेल्थ एक्सपर्ट्स और माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स के अनुसार, बर्तन धोने वाले स्पंज या प्लास्टिक के जूने को हर 2 से 3 हफ्ते (लगभग 15 से 20 दिन) के भीतर बदल देना चाहिए. अगर आप लोहे के तार वाले जूने का इस्तेमाल करते हैं, तो उसमें जंग लगने या टूटने पर उसे तुरंत फेंक देना चाहिए.
2. जूने में बैक्टीरिया क्यों और कैसे पनपते हैं
जब हम बर्तन धोते हैं तो खाने के बारीक कण और नमी स्पंज या जूने के अंदर फंस जाते हैं. किचन का नम और गर्म माहौल बैक्टीरिया, फंगस और जर्म्स के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है. जूने के भीतर करोड़ों खतरनाक कीटाणु पलने लगते हैं.
गंदा जूना इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हैं
जब आप गंदे जूने से बर्तन धोते हैं तो वे बैक्टीरिया बर्तनों पर चिपक जाते हैं और खाने के जरिए हमारे पेट में चले जाते हैं जिससे उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है.
गंदे स्पंज में मौजूद बैक्टीरिया हाथों की त्वचा के जरिए इंफेक्शन या एलर्जी का कारण बन सकते हैं.
पुराने और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाने वाले स्पंज से अजीब सी बदबू आने लगती है और उसमें काले धब्बे दिखने लगते हैं.
जूने की हाइजीन बनाए रखने के आसान उपाय
हर बार बर्तन धोने के बाद जूने को गर्म पानी और डिश सोप से अच्छी तरह धोकर उसका सारा पानी निचोड़ दें.
जूने को हमेशा ऐसी जगह सुखाएं जहाँ हवा और धूप लगे, ताकि वह गीला न रहे.
हफ्ते में कम से कम एक बार स्पंज को गर्म पानी में थोड़ा सा सिरका या बेकिंग सोडा डालकर कुछ मिनट के लिए उबाल लें. डिफेक्टिव या सैनिटाइज कर लें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क