'भरत भूषण एनकाउंटर का लें स्वतः संज्ञान', पत्र लिखकर की CJI से मांग

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र याचिका भेजी गई है. याचिका में स्वत: संज्ञान लेने, स्वतंत्र जांच कराने और पीड़ित परिवार के साथ गवाहों को सुरक्षा देने की मांग की गई है.

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भोजपुर के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका. (Photo: ITG) भोजपुर के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका. (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है. इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश के नाम एक पत्र याचिका भेजी गई है, जिसमें CJI से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की गई है. याचिका पत्र में आरोप लगाया गया है कि भरत भूषण की मौत कथित फर्जी मुठभेड़ में हुई और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए.

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यह पत्र याचिका सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाले नरेन्द्र मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश के नाम भेजी है. जिसमें अदालत से हस्तक्षेप करने की अपील की गई है. याचिका में कहा गया है कि घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.

क्या मांग की गई है?

पत्र याचिका में भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज करने की मांग उठाई गई है. साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है. याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी कहा है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए.

याचिका में सीबीआई या विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की गई है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की ओर से एनकाउंटर मामलों को लेकर तय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की भी गुहार लगाई गई है. इसके अलावा, पत्र याचिका में पीड़ित परिवार और संभावित गवाहों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी है कि मामले से जुड़े लोगों को पर्याप्त सुरक्षा मिले, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकें.

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क्या है पूरा मामला?

भरत भूषण तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले थे. कुछ दिन पहले उनका एक फेसबुक पोस्ट चर्चा में आया था. इस पोस्ट में उन्होंने सरकारी कामकाज को लेकर नाराजगी जताई थी और एक अधिकारी के एनकाउंटर की बात लिखी थी.

पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस उनके घर पहुंची. पुलिस का कहना है कि बातचीत के दौरान भरत भूषण ने पिस्टल निकाल ली थी. इसके बाद हुई कार्रवाई में उन्हें गोली लगी. घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. अब इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई है. फिलहाल यह देखना होगा कि इस मांग पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
 

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