घर बनाने के लिए जब भी सरिया खरीदने जाते हैं, तो आमतौर पर काले या गहरे ग्रे रंग के टीएमटी बार दिखाई देते हैं. लेकिन अब बाजार में हरे और नीले रंग के सरिए भी मिलने लगे हैं. इन्हें देखकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर इनका रंग अलग क्यों है? क्या ये सामान्य सरिए से ज्यादा मजबूत होते हैं या इसे बनाने में अलग मेटल या धातु का इस्तेमाल किया जाता है या फिर ये प्लास्टिक या फाइबर से बना सरिया है?
दरअसल, ये कोई प्लास्टिक या फाइबर से बना सरिया नहीं हैं, ना ही यह ये किसी अलग धातु का बना होता है. ये भी स्टील के TMT बार ही होते हैं. बस, इन्हें जंग से बचाने के लिए इनके ऊपर एक खास तरह की सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है. इसी वजह से इनका रंग हरा या नीला दिखाई दे सकता है. ऐसे ही एक सरिए को एपॉक्सी कोटेड सरिया कहा जाता है. आइए समझते हैं कि यह क्या होता है और सामान्य टीएमटी सरिए से कितना अलग है.
क्या होता है हरे और नीले रंग का सरिया?
हरे या नीले रंग का दिखाई देने वाला एपॉक्सी कोटेड सरिया असल में सामान्य स्टील या टीएमटी सरिया ही होता है. फर्क सिर्फ इतना है कि इसके ऊपर जंग से बचाने के लिए एपॉक्सी रेजिन नाम के खास पदार्थ की एक अतिरिक्त परत चढ़ाई जाती है. इस परत की वजह से इसे पहचानना आसान होता है.
एपॉक्सी कोटिंग सरिए के संपर्क में पानी, नमी और हवा के पहुंचने की संभावना को कम करती है. इससे सरिए पर जंग लगने का खतरा घट सकता है. यही वजह है कि इस तरह के सरिए का इस्तेमाल उन जगहों पर खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, जहां नमी या पानी के संपर्क में आने से स्टील को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है.
कैसे चढ़ाई जाती है एपॉक्सी की परत?
एपॉक्सी कोटेड सरिया तैयार करने के लिए स्टील बार की सतह को साफ किया जाता है. इसके बाद उस पर इलेक्ट्रोस्टैटिक तरीके से एपॉक्सी रेजिन पाउडर छिड़का जाता है. फिर नियंत्रित प्रक्रिया के जरिए इस पाउडर को सरिए की सतह पर चिपकाकर एक सुरक्षात्मक कोटिंग बनाई जाती है. इसे फ्यूजन-बॉन्डेड एपॉक्सी कोटिंग भी कहा जाता है.
इस प्रक्रिया के बाद सरिए की सतह पर एक ऐसी परत बन जाती है, जो स्टील को बाहरी नमी से बचाने में मदद करती है. इस कोटिंग का रंग हरा या नीला हो सकता है. हालांकि, रंग देखकर ही सरिए की गुणवत्ता का फैसला नहीं करना चाहिए. इसके लिए उसकी कोटिंग, स्टील की गुणवत्ता और संबंधित मानकों की जांच करना जरूरी है.
सामान्य टीएमटी सरिए से कितना अलग है?
सामान्य टीएमटी सरिया भी मजबूत स्टील से बनता है. इसे थर्मो-मैकेनिकल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, जिससे इसे मजबूती और जरूरी गुण मिलते हैं. लेकिन इसके ऊपर आमतौर पर एपॉक्सी जैसी अतिरिक्त सुरक्षात्मक परत नहीं होती.
ऐसे में अगर सामान्य सरिया लंबे समय तक नमी, पानी या खराब वातावरण के संपर्क में रहे, तो उसमें जंग लगने का खतरा हो सकता है. खासकर कंक्रीट के अंदर नमी और क्लोराइड जैसे तत्व पहुंचने पर सरिए में जंग लग सकती है.
इसके उलट, एपॉक्सी कोटेड सरिए की ऊपरी परत स्टील को इन तत्वों के सीधे संपर्क से बचाने में मदद करती है. हालांकि, अगर कोटिंग को नुकसान पहुंच जाए या उसमें खरोंच आ जाए, तो उस जगह से जंग लगने की आशंका बनी रह सकती है. इसलिए इसकी सही हैंडलिंग और निर्माण के दौरान सावधानी बरतना भी जरूरी है.
क्या एपॉक्सी कोटेड सरिया ज्यादा महंगा होता है?
हां, सामान्य टीएमटी सरिए के मुकाबले एपॉक्सी कोटेड सरिया आमतौर पर महंगा होता है. इसकी वजह यह है कि इसे तैयार करने में स्टील के अलावा कोटिंग की सामग्री और एक अतिरिक्त प्रक्रिया का खर्च भी जुड़ता है.
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इसकी कीमत ब्रांड, स्टील की गुणवत्ता, सरिए के आकार, कोटिंग की गुणवत्ता और बाजार की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कुछ बाजारों में इसकी कीमत करीब 80 से 90 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जाती है, लेकिन यह कोई तय राष्ट्रीय दर नहीं है. खरीदारी से पहले स्थानीय सप्लायर से ताजा भाव और उत्पाद के प्रमाणपत्र की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.
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कुल मिलाकर, हरे और नीले रंग का सरिया कोई अलग धातु नहीं, बल्कि स्टील को जंग से बचाने के लिए तैयार किया गया एक खास विकल्प है. इसकी अतिरिक्त कोटिंग ही इसे सामान्य टीएमटी सरिए से अलग बनाती है.
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