घर बनाने से पहले इसमें इस्तेमाल होने वाले बिल्डिंग मटेरियल्स की क्वालिटी चेक कर लेना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि, लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए घर की मजबूती इसे बनाने के तरीके और बिल्डिंग मटेरियल्स पर निर्भर करता है. इनमें भी सबसे महत्वपूर्ण ईंट होती है.
क्योंकि, ईंट से ही घर की नींव और दीवारें खड़ी होती है. आपका घर कितने सालों तक मजबूती से टिका रहेगा. यह ईंटों की मजबूती पर ही निर्भर करता है. यूं तो दीवार खड़ी करने से पहले जोड़ों की मजबूती और मजबूत पकड़ के लिए ईंटों को पानी में भिगो दिया जाता है. लेकिन, इससे भी पहले ईंट की क्वालिटी चेक करना जरूरी है.
अब सवाल उठता है कि आखिर ईंट की क्वालिटी कैसे चेक की जा सकती है. ईंट की गुणवत्ता जांच करने के कई घरेलू तरीके हैं. इनका इस्तेमाल मिस्त्री और ठेकेदार सालों से करते आए हैं. आमतौर पर ईंट भट्ठों से पकी लाल ईंट घर बनाने के लिए मंगवाई जाती हैं. ईंट मिट्टी से बनती है और इसे आग में पकाया जाता है. अब सवाल उठता है कि इसमें क्या मिलावट हो सकती है. आखिर इसमें नकली और असली का सवाल कैसे खड़ा होता है?
ईंट बनाते समय उसे अच्छे से आग में नहीं पकाने पर, मिट्टी में मिलावट कर देने पर या ठीक से नहीं सुखाने पर या फिर अच्छे से जो नहीं पक पाई है, ऐसी ईंटे कमजोर हो सकती हैं. ठोस, अच्छी से पकी हुई और मजबूत ईंटों की पहचान के लिए कुछ टेस्ट इस तरह से किए जा सकते हैं.
ऐसे टेस्ट करें ईंट की मजबूती
पहले दो ईंटों को हाथ में उठाएं और उन्हें टकराकर देखें. अगर ईंट टकराने पर उनसे लोहे की खनक जैसी आवाज आ रही है. इसका मतलब है कि ईंट मजबूत और असली है. यह भंगुर या कम पकी हुई कमजोर ईंट नहीं है.
दूसरा तरीका है - दो ईंट लेकर एक ईंट के ऊपर दूसरे ईंट को अंग्रेजी के टी के शेप में रखे हैं और 3 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिरा दें. अगर ईंटें नीचे गिरकर टूट गईं. इसका मतलब है कि ईंट मजबूत नहीं है. अगर इंट सही सलामत रह गई इसका मतलब है कि ईंटे मजबूत है. इससे बने घर मजबूत होंगे.
ये कुछ ऐसे टेस्ट हैं, जिनसे घर बनाने से पहले मंगवाए गए ईंट की क्वालिटी टेस्ट की जा सकती है. इससे पुख्ता हो जाता है कि जिस बिल्डिंग मटेरियल में आप पैसा लगा रहे है, उसे खरीदने में आपसे ठगी नहीं हुई है.
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