हरिद्वार यानी हरि का द्वार... लोग यहां गंगा स्नान कर पुण्य कमाने आते हैं... यहां लोग अपने पितरों की मु्क्ति के लिए भी आते हैं. हरिद्वार यदि पुण्य कमाने और मोक्ष पाने का तीर्थ है तो यह पितरों को मुक्ति दिलाने का तीर्थ भी है. लोग पूरी श्रद्धा के साथ पितरों को आज विदा कर रहे हैं. माना जाता है कि अगर किसी के अपने पितरों की मृत्यु की तारीख न पता हो तो वह पितृ पक्ष के अंतिम दिन यानी पितृ विसर्जनी अमावस्या पर गंगा स्नान कर तट पर या श्री नारायणी शिला मंदिर में पूजा कर सकता है. इससे पितरों को मुक्ति और मोक्ष मिलता है.
भाद्रपद महीने की पूर्णिमा से आश्विन की अमावस्या तक का पखवाड़ा पितरों का पखवाड़ा होता है. इन दिनों में पितरों को पिंडदान और श्राद्ध-तर्पण करने से उन्हें मोक्ष मिलता है. पितर प्रसन्न रहते हैं, जिससे घर में सुख शांति व समृद्धि आती है. पुराणों में कहा गया है कि जो व्यक्ति श्राद्ध पक्ष में किसी भी वजह से श्राद्ध नहीं कर पाता तो वह इस पक्ष के आखिरी दिन पितृ विसर्जनी अमावस्या पर पिंडदान-श्राद्ध कर सकता है. इससे पितरों को सदगति मिलती है.
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पितृ विसर्जन अमावस्या पर हरिद्वार के नारायणी शिला मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे. सुबह से ही यहां लोग आने लगे थे. मंदिर में लोग लंबी कतारों में लगे रहे, ताकि पितरों को विदा कर सकें. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने व्यापक व्यवस्था की है. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी का कहना है कि पितृ विसर्जन अमावस्या अर्थात जो 16 दिन से हमारे घर में पितृ पधारे हुए थे, आज उनकी विदाई का समय है. हमसे गलती हो गई, त्रुटि हो गई, हम श्राद्ध भूल गए या किसी कारणवश श्राद्ध नहीं कर पाए, तो आज के दिन क्षमा मांगकर 16 दिनों का श्राद्ध कर सकते हैं. किसी व्यक्ति को तिथि नहीं पता, वो नहीं कर पाया तो वो भी तर्पण कर सकते हैं.
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ये वो जगह है, भगवान नारायण का कंठ से लेकर नाभि तक का वो हिस्सा, जहां पर श्राद्ध करने से पितृ को मोक्ष मिलता है. यहां व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक अगर श्राद्ध कर ले, मात्र दर्शन भी कर ले आज, मात्र जल भी चढ़ा दे तो अनंत काल के लिए पितृ को तृप्ति मिल जाती है. पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं.
पितृ विसर्जन अमावस्या में श्राद्ध कर देना चाहिए. गाय को भोजन करा देना चाहिए. शाम के समय पितृ को विदा करना चाहिए. विदा कैसे करना चाहिए- 16 प्रकार की मिठाई, 16 पीस मिठाई दक्षिणा के साथ में और आटे के 16 शुद्ध घी के दीपक जलाकर विदा कर सकते हैं. कई लोग आटे का चौमुखी दीपक बनाते हैं, तो वो भी किसी हद तक ठीक है.
सीओ सिटी हरिद्वार शिशुपाल सिंह नेगी ने कहा कि आज पितृ अमावस्या है. सभी लोग पूजा और दर्शन के लिए आ रहे हैं. सुबह से जैसा हम देख रहे हैं कि लंबी कतारें लगी हैं. पर्याप्त पुलिस बल यहां है. भीड़ का दबाव काफी है. पुलिस स्मूथली लोगों को दर्शन करवा रही है. भीड़ को लेकर पर्याप्त व्यवस्था है. तुलसी चौक से और देवपुरा तक किसी भी फोर व्हीलर वाहन की एंट्री बैन है. इसमें पर्याप्त ड्यूटी लगाई है.
मुदित अग्रवाल