UP समेत चार चुनावी राज्यों में पहले होगी जनगणना, 1 दिसंबर से गिनती शूरू

गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में चुनाव के मद्देनजर एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक आबादी की गिनती की जाएगी.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:52 PM IST

2027 की जनगणना के लिए गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक आबादी की गिनती की जाएगी. भारत के रजिस्ट्रार जनरल के मुताबिक देश के जिन राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत में चुनाव हो सकते हैं, वहां यह प्रक्रिया पहले शुरू की जा रही है.

सरकारी अधिसूचना जारी करते हुए भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृंत्युजय कुमार नारायण ने कहा है कि चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए इन राज्यों में जनगणना की प्रक्रिया पहले शुरू की जा रही है. इन इलाकों में नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करने या सेल्फ एन्युमरेशन का विकल्प चुन सकते हैं. 

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सरकारी अधिसूचना में कहा गया है, "उत्तराखंड के बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, और पंजाब के बाकी सभी क्षेत्रों में जनगणना का काम 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक काम काम किया जाएगा. इसके बाद 5 जनवरी 2027 से 9 जनवरी 2027 तक जानकारी की दोबारा जांच की जाएगी."

यह भी पढ़ें: अमित शाह की बैठक के बाद केंद्र का बड़ा फैसला... मणिपुर में टली जनगणना, NRC लागू करने की मांग पर बनी सहमति

अधिसूचना में कहा गया है कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड(बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर) के लिए 2027 की जनगणना की रेफरेंस तारीख 5 तारीख 2027 रात 12:00 बजे होगी. 

साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले नॉन-सिंक्रोनस इलाकों और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी वाले नॉन-सिंक्रोनस इलाकों के लिए रेफरेंस तारीख 1 अक्टूबर, 2026 रात 12:00 बजे होगी. 

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25 जून को जारी सरकारी बयान में कहा गया था कि देश के बाकी हिस्सों के लिए रेफरेंस तारीख 1 मार्च 2027 होगी. बता दें, गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2027 तक खत्म हो जाएगा, उससे पहले यहां चुनाव होने हैं. 

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