राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट के 5 साल के लेन-देन का ऑडिट कर रही SIT, चंपत राय और अनिल मिश्रा की बढ़ेंगी मुश्किलें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका के बीच मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच साल के ऑडिट की बारीकी से तफ्तीश करने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि SIT को शुरुआती जांच में कई अहम और पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसके कारण ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारी अब सीधे तौर पर इस जांच की जद में आ सकते.

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राम मंदिर ट्रस्ट के 5 साल का ऑडिट करेगी SIT. (File Photo) राम मंदिर ट्रस्ट के 5 साल का ऑडिट करेगी SIT. (File Photo)

समर्थ श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है. एसआईटी (SIT) ने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए ट्रस्ट के हर लेन-देन की बारीकी से जांच करने का फैसला किया है.

सूत्रों के मुताबिक, अब ट्रस्ट के पिछले पांच सालों के ऑडिट की भी जांच की जाएगी. शासन ने बुधवार को एसआईटी की जांच अवधि को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है. अब एसआईटी 15 जुलाई को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. शुरुआती जांच में मिले अहम साक्ष्यों के आधार पर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी शिकंजा कस सकता है.

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'बढ़ सकती हैं पदाधिकारियों की मुश्किल'

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को जांच में अब तक जो सबूत मिले हैं, उससे अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं. इसके साथ ही मंदिर के निर्माण कार्य में भी भारी कमीशन लेने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे अनिल मिश्रा पर कानून का शिकंजा कस सकता है. एसआईटी के तीनों आला अधिकारी- लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन आज एक अहम बैठक करने के बाद अयोध्या का दौरा कर सकते हैं.

दान के जेवरों का नहीं हुआ ऑडिट

इस पूरे मामले में ट्रस्ट के लिए सबसे बड़ी मुसीबत दान में मिले सोने-चांदी के जेवरात का पूरा ब्योरा देने में खड़ी होने वाली है. सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट ने इन कीमती जेवरातों का आज तक कोई ऑडिट ही नहीं कराया है. ऑडिट रिपोर्ट में पाई गई इन गंभीर खामियों की चर्चा पहले भी प्रशासनिक स्तर पर होती रही है, लिहाजा एसआईटी की ये विस्तृत और नई रिपोर्ट आने वाले दिनों में इस घोटाले की कई और परतें पूरी तरह से खोल देगी.

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क्यूआर कोड की होगी जांच

वहीं, चढ़ावा चोरी के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित 'श्याम साधनालय योग केंद्र' में छानबीन के दौरान उसके कमरे से 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ एक संदिग्ध संदूक बरामद हुआ है. इस संदूक के ऊपर एक क्यूआर कोड भी लगा हुआ मिला है.

पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां अब तकनीकी आधार पर ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस संदूक में जमा होने वाला पैसा कहां से आता था और इसका इस चोरी से क्या संबंध है. हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि संदूक से कितनी नकदी मिली है.

छापेमारी में नकदी-जेवर बरामद

पुलिस टीमों ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों- लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की निशानदेही पर बुधवार को उनके पैतृक घरों पर एक साथ बड़ी छापेमारी की. करीब तीन घंटे तक चली इस सघन छानबीन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों के बयान भी दर्ज किए. पुलिस को लवकुश के रुदौली और करुणेश के खंडासा स्थित घरों से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के जेवर और कई संपत्तियों के अवैध दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है और पुलिस दोनों के माता-पिता को भी साथ ले गई है.

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