तमिलनाडु के पट्टिनापक्कम में प्रस्तावित नए सचिवालय की योजना को रद्द किए जाने की खबरों पर तमिलनाडु के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने गुरुवार को सफाई दी. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती अध्ययन के चरण में है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. ये बयान तब आया है जब विजय सरकार द्वारा पट्टिनापक्कम में नया सचिवालय बनाने पर विचार किया जा रहा था, जिसका स्थानीय लोगों, मछुआरों ने विरोध किया था.
मंत्री के अलावा वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने भी कहा कि पट्टिनापक्कम के पास प्रस्तावित नए सचिवालय परिसर को बिना पहले लोगों से राय लिए आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए. उनका कहना है कि तमिलनाडु सरकार जनता की राय के खिलाफ कदम नहीं उठाएगी.
पिछले कई दशकों से है मांग: मंत्री
इस पूरे विवाद पर मंत्री निर्मल कुमार ने साफ किया कि सरकार ऐसा कोई प्रोजेक्ट लागू नहीं करेगी जो आम लोगों या मछुआरा समुदाय के हितों के खिलाफ हो. उन्होंने कहा कि नए सचिवालय की मांग पिछले 20 से 40 साल से लंबित है. उनके मुताबिक, चूंकि सरकार के ज्यादातर बड़े दफ्तर अभी शहर के भीतर ही हैं, इसलिए बाहरी इलाके में ले जाने के बजाय आसपास की उपयुक्त जगहों को देखना व्यावहारिक है.
पहुंच से जुड़ी चिंता पर मंत्री ने कहा कि अगर प्रशासनिक केंद्र को शहर से 40 किलोमीटर बाहर ले जाया गया तो लोगों के आने जाने में बड़ी दिक्कत होगी. उन्होंने कहा कि इसी वजह से शहर की सीमा के भीतर कई संभावित जगहों का सर्वे किया जा रहा है ताकि सबसे उपयुक्त विकल्प तय किया जा सके. निर्मल कुमार ने यह भी कहा कि जब कोई ठोस फैसला हो जाएगा तब संबंधित विभाग के मंत्री आधिकारिक घोषणा करेंगे.
क्या है विजय सरकार का प्लान?
इस मुद्दे पर बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि जब से इस परियोजना की घोषणा हुई है, तब से वह जगह के चयन पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकारी आदेश जारी हो जाने से निर्माण का काम शुरू नहीं होना चाहिए, जब तक लोगों की राय और उनकी चिंताओं को ठीक से इकट्ठा कर उनका समाधान नहीं किया जाता. उन्होंने कहा, ‘मैं आज भी यही बात दोहरा रहा हूं. मुझे भरोसा है कि तमिलनाडु सरकार जनता की राय के उलट कोई रुख नहीं लेगी, और ऐसा होने की कोई संभावना नहीं है.’
इस पूरे विवाद के बीच फिलहाल विजय सरकार का कहना है कि परियोजना पर अभी शुरुआती स्तर पर अध्ययन चल रहा है और कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, जबकि थिरुमावलवन ने दोहराया है कि पट्टिनापक्कम के पास नए सचिवालय परिसर पर आगे बढ़ने से पहले लोगों की राय लेना जरूरी है.
तमिलनाडु के सचिवालय को मौजूदा जगह से कहीं नई जगह पर ले जाने की कोशिशें पिछले कई दशकों से चल रही हैं. कभी मुख्यमंत्री रहीं जयललिता ने भी कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थीं. इस बार थलपति विजय ने ये कोशिश की है, देखना होगा कि वो भी कितने सफल हो पाते हैं.
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