पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में विपक्ष और सरकार के बीच तीखा टकराव जारी है. विपक्ष छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा है, जिससे संसद की कार्यवाही स्थगित हो गई है. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचकर एनडीए सांसदों का स्वागत किया, लेकिन पत्रकारों के सवालों पर चुप्पी साध ली. इस गतिरोध के कारण संसद में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.
दरअसल, शनिवार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद भवन पहुंचे, जहां एनडीए के सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया और पाग पहनाकर सदन के अंदर ले गए. इससे पहले शनिवार को उनके इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी. इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच संसद भवन परिसर में स्थिति काफी गहमागहमी भरी बनी हुई है.
सवालों का नहीं दिया जवाब
इसी बीच जब सोमवार को वह सदन से बाहर निकले तो हमारी संवाददाता मौसमी सिंह ने उनसे सवाल किया कि इस्तीफे के बावजूद विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है और लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश हो रहा है तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने के बजाय हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया और अपनी कार की ओर बढ़ गए.
आपको बता दें कि विपक्ष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आकर जवाब देने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं. इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार तीखा टकराव देखने को मिल रहा है और संसद में गतिरोध बना हुआ है.
मौसमी सिंह