Exclusive: 'हम भारत की चिंताओं को समझते हैं', अमेरिका-PAK रिश्ते पर क्या बोले रुबियो, आतंकवाद पर भी रखी राय

भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान से बढ़ते संबंध भारत के साथ साझेदारी की कीमत पर नहीं होंगे. उन्होंने आतंकवाद पर नई दिल्ली की चिंताओं को साझा बताते हुए भारत-पाकिस्तान तनाव घटाने और युद्ध रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाने की पेशकश की.

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो. (Photo- ITG) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

भारत और अमेरिका के रिश्ते, पाकिस्तान के साथ वॉशिंगटन की नजदीकी और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई. इन अहम मुद्दों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आजतक के साथ खास बातचीत की है. भारत दौरे पर आए रुबियो और भारत में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई अहम सवालों के जवाब दिए.

बातचीत के दौरान रुबियो ने साफ कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बेहतर होते रिश्तों का असर भारत के साथ उसकी साझेदारी पर नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं एक जैसी हैं. यह खास इंटरव्यू इंडिया टुडे पर आज रात 8 बजे प्रसारित होगा.

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'पाकिस्तान से रिश्ते भारत की कीमत पर नहीं'

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने मुंबई के ताज होटल में यह बात कही. यह होटल 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाए गए ठिकानों में शामिल था. उनसे पूछा गया था कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बढ़ते रिश्तों के बीच वॉशिंगटन यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर न पड़े.

इस पर रुबियो ने कहा, "किसी भी तरह से पाकिस्तान के साथ हमारा रिश्ता, भारत के साथ हमारे रिश्तों की कीमत पर नहीं है." उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं एक जैसी हैं.

पाकिस्तान के साथ रिश्ते क्यों बनाए रखना चाहता है अमेरिका?

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मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका को दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने की जरूरत है. इसमें पाकिस्तान भी शामिल है. उनके मुताबिक, पाकिस्तान के साथ बातचीत और संपर्क बनाए रखने से अमेरिका को कई मुद्दों पर उसके फैसलों को प्रभावित करने का मौका मिल सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी लंबे समय से मजबूत रही है, जबकि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी अमेरिका के रिश्ते बेहतर हुए हैं. रुबियो के मुताबिक, दोनों देशों के साथ संपर्क बनाए रखने से अमेरिका को क्षेत्रीय मुद्दों पर काम करने का अवसर मिलता है.

भारत-पाकिस्तान तनाव पर क्या बोले रुबियो?

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर भी बात की. उन्होंने कहा कि अमेरिका तनाव कम करने और दोनों देशों के बीच हालात को बड़े टकराव में बदलने से रोकने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है. रुबियो ने कहा कि अमेरिका दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक और जंग नहीं देखना चाहता. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को कारोबार और व्यापार पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, ज्यादा सहयोग से क्षेत्र में समृद्धि और सुरक्षा के नए अवसर बन सकते हैं.

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आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का जिक्र

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने में अमेरिका सबसे आगे है. इसके लिए उन्होंने इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा के खिलाफ अमेरिकी अभियानों का उदाहरण दिया. उन्होंने अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन को मारने वाले अभियान और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आतंकी संगठनों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का भी हवाला दिया.

रुबियो के मुताबिक, अमेरिका ने आतंकवादी संगठनों और चरमपंथी विचारधाराओं के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद का खतरा भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय है.

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