झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी 10 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे और बीमार पड़े छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और दूसरे छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे.
दरअसल 10 अगस्त को छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव किया था. इस दौरान पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया था जिसमें कई छात्र घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
इरफान अंसारी देर रात बिना किसी सूचना और सुरक्षा काफिले और प्रोटोकॉल के सीधे सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने वहां भर्ती देवेंद्र नाथ महतो और दूसरे घायल युवाओं से मिलकर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना.
कैसी है देवेंद्र महतो की तबीयत?
अनशन के कारण तबीयत बिगड़ने पर देवेंद्र महतो कई दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं. विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए भी वो एंबुलेंस से पहुंचे थे. उनके इलाज और लगातार निगरानी के लिए प्रशासन ने एक विशेष मेडिकल बोर्ड बनाया है. डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है.
छात्र प्रदर्शनकारियों से मिलने के बाद इरफान अंसारी ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण किया. उन्होंने वहां भर्ती दूसरे मरीजों से बातचीत की और मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया. अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया.
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'युवा हमारे हैं, BJP राजनीति न करे'
10 अगस्त को राज्य की विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सीएम हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया था. ऐसे में इरफान अंसारी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी छात्रों को भड़का रही है. उन्होंने कहा था, 'छात्रों में उबाल है और BJP ने सीएम आवास का घेराव करने का नाटक किया है. युवा हमारे हैं, बच्चे हमारे हैं. हम लगातार छात्रों से बातचीत कर रहे हैं. जब सरकार गंभीर है और मांगें मानने को तैयार है, तो बीजेपी बीच में कहां से आ गई?'
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