झारखंड में परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और राज्य सरकार के बीच चल रहा गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सरकार और छात्रों के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत भी पूरी तरह सफल नहीं रही. पांच घंटे चली बैठक के दौरान सरकार ने कई मांगों को मान लिया है, जबकि कई मांगों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है.
अपनी मांगें मनवाने के लिए कल सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक हजारों छात्र मार्च करेंगे. चलिए आपको बताते हैं कि सरकार ने किन मांगों को मान लिया है.
इन मांगों पर बनी सहमति
पांच घंटे चली बैठक, लेकिन नहीं बनी बात
जानकारी के मुताबिक, छात्र संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पांच घंटे से ज्यादा समय तक बैठक चली. सभी छात्र संगठनों के साथ तीन दौर की बातचीत हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकल सका.
छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मुख्य मांगें मानने से इनकार कर दिया है. सरकार की ओर से केवल 14वीं परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है, जिससे छात्र बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि अन्य परीक्षाओं और व्यवस्था में सुधार को लेकर जो मांगें रखी गई थीं, उन पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है.
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विरोध में कल स्टूडेंट्स निकालेंगे प्रोटेस्ट
बातचीत विफल होने के बाद आक्रोशित छात्रों ने सड़क पर उतरने का बड़ा फैसला किया है. छात्र संगठनों ने ऐलान किया है कि कल सुबह ठीक 10 बजे हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स पुरानी विधानसभा से लेकर नई विधानसभा तक मार्च निकालेंगे. इस दौरान पूरे रास्ते में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा, जिसे छात्रों का 'महासंग्राम' नाम दिया गया है.
छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा. इस हंगामे और बड़े पैमाने पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भी बड़ा बयान सामने आया है. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है और हर समस्या का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है.
सभी को न्याय दिलाऊंगा
हेमंत सोरेन ने कहा 'मैं ज्यादा उम्र का नहीं हूं, मैं आपकी समस्याओं को समझता हूं और आपको न्याय दिलाऊंगा. उन्होंने आगे कहा कि हम जानते हैं कि गोलियां सीमा पर जरूरी हैं, यहां उनकी जरूरत नहीं है.
उन्होंने कहा कि देशभर में राजनीतिक दल अलग-अलग तरीकों से युवाओं को अपने निशाने पर ले रहे हैं और उन्हें गुमराह करने की रणनीति बना रहे हैं. इसमें सच और झूठ को मिलाकर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में बड़े स्तर पर काम हो रहा है और इसमें पढ़े-लिखे और जानकार लोग भी शामिल हैं.
जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई के कारण ही युवाओं में गलत काम को सामने लाने और अपने हक के लिए आवाज उठाने का साहस आया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं को न्याय मिलेगा और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी.
सत्यजीत कुमार / आशुतोष मिश्रा