रांची: छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा, अजीता भट्टाचार्य से कल CID करेगी पूछताछ

छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल ने इस्तीफे मंजूर कर लिए. 10 अगस्त को CID अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ करेगी. छात्रों की कुछ मांगें मानी गई हैं, जबकि कई मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बनी है. सोमवार को छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे.

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JPSC के तीन सदस्यों ने अपने पद से दिया इस्तीफा. (Photo- ITG) JPSC के तीन सदस्यों ने अपने पद से दिया इस्तीफा. (Photo- ITG)

आशुतोष मिश्रा

  • रांची,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST

छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने इस्तीफा दे दिया है. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल संतोष गंगवार को भेजा था, जिसे मंजूर कर लिया गया है. इसी बीच CID 10 अगस्त को अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ करेगी. भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के सिलसिले में उनसे सवाल किए जाएंगे. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर छात्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.

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इस्तीफा देने वालों में अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा शामिल हैं. तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा था. राज्यपाल ने इसे मंजूर कर लिया है. इससे पहले 22 जुलाई को JPSC चेयरपर्सन एल खियांग्ते भी इस्तीफा दे चुके थे. फिलहाल, JPSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की CID जांच कर रही है. इसी सिलसिले में आयोग के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है. अब 10 अगस्त को डॉ. अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ होनी है.

आंदोलन शांत कराने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की लंबी बातचीत हुई. मुख्यमंत्री ने खुद छात्रों को चिट्ठी लिखकर भरोसा दिलाने की कोशिश की. सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं. इसके बावजूद कई मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी.

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यह भी पढ़ें: JPSC परीक्षाएं रद्द करने को तैयार सोरेन सरकार, लेकिन CBI जांच से इनकार

इन मांगों पर बनी सहमति

सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति जताई गई है.

  1. 14वीं JPSC PT (Regular & Backlog) रद्द होगी.
  2. ACF परीक्षा रद्द होगी.
  3. FRO परीक्षा की जांच होगी. गड़बड़ी मिलने पर परीक्षा रद्द की जा सकती है.
  4. TDPL Agency की भर्ती परीक्षाओं की जांच होगी. गड़बड़ी मिलने पर संबंधित परीक्षा रद्द की जाएगी.
  5. JSSC CGL की दोबारा जांच होगी. गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.
  6. JSSC में सुधार को लेकर सरकार तैयार है.

इन मांगों पर नहीं बनी बात

कुछ मुद्दों पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है.

  1. 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर सहमति नहीं बनी.
  2. CBI जांच की मांग पर भी बात नहीं बनी.
  3. JPSC के दोबारा गठन की मांग को लेकर भी छात्रों की नाराजगी बनी हुई है.
  4. JSSC CGL को लेकर छात्र स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

हालांकि CBI जांच पर सहमति नहीं बनी है, लेकिन CID जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर ED से जांच कराने की बात सरकार की ओर से कही गई है.

सोमवार सुबह 9:30 बजे विधानसभा का घेराव

बातचीत से पूरी तरह सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला किया है. सोमवार सुबह 9:30 बजे छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे. इसके लिए झारखंड के अलग-अलग इलाकों से छात्र रांची पहुंच रहे हैं. फिलहाल, छात्रों की संख्या बढ़ रही है. कार्यक्रम के लिए लगाया गया पंडाल छोटा पड़ गया है. अब एक नया मंच तैयार किया जा रहा है. यहीं से छात्रों की आगे की रणनीति बनाई जाएगी.

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छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी बाकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा. इस बीच 10 अगस्त को होने वाली CID की पूछताछ भी अहम रहेगी.

विधानसभा घेराव को लेकर रांची पुलिस अलर्ट

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के ऐलान को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की तैयारी तेज कर दी है. सिटी SP पारस राणा ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हैं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. हिंसा की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

वायरल वीडियो में दिख रही बंदूक को लेकर भी उन्होंने सफाई दी. उन्होंने कहा कि जिसे पैलेट गन समझा जा रहा है, वह असल में पेंटबॉल गन है. इससे नरम रंगीन गेंदें निकलती हैं, जिनसे उपद्रव करने वालों की पहचान की जा सकती है. उन्होंने कहा कि पैलेट गन सिर्फ आपात स्थिति के लिए रखी जाती है.

अब सबकी नजर सोमवार को होने वाले विधानसभा घेराव पर है. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी बाकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. ऐसे में बातचीत से निकला रास्ता और छात्रों का अगला कदम अहम होगा.
 

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