जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आज गजब का राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला. सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी दल बीजेपी एक ही दिन एक-दूसरे के खिलाफ 'घेराव राजनीति' का ऐलान कर दिया.
दोनों राजनीतिक दलों के एक ही दिन प्रदर्शन और घेराव को देखते हुए श्रीनगर में पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है. संवेदनशील इलाकों और सरकारी भवनों की सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई थी.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के दर्जनों कार्यकर्ता और नेता सुबह राजबाग इलाके में जमा हुए. हाथ में पार्टी के लाल झंडे लेकर वो बीजेपी दफ्तर का घेराव करने के लिए मार्च निकालने लगे.
सुरक्षा बलों ने एनसी कार्यकर्ताओं को राजबाग पुलिस स्टेशन के पास ही रोक लिया. जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस की नाकाबंदी को पार करके आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की और बहस देखने को मिली. इस दौरान कुछ कार्यकर्ता पुलिस वैन पर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए. इस दौरान पुलिस भीड़ को काबू में करती नजर आई.
घंटाघर से जहांगीर चौक तक बीजेपी का मार्च
दूसरी तरफ, बीजेपी ने उमर अब्दुल्ला सरकार के खिलाफ हल्ला बोला. पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने श्रीनगर के घंटाघर से सिविल सचिवालय का घेराव करने के लिए मार्च किया. बीजेपी कार्यकर्ताओं को हाथों में सरकार विरोधी पोस्टर लिए देखा गया. इनमें भ्रष्टाचार और महंगाई का विरोध देखने को मिला.
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प्रदर्शनकारी उमर सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए सचिवालय की तरफ बढ़ रहे थे. हालांकि, अलर्ट पर खड़ी श्रीनगर पुलिस ने जहांगीर चौक पर ही बैरिकेड्स लगाकर बीजेपी समर्थकों के मार्च को रोक दिया. आगे बढ़ने से रोके जाने पर बीजेपी नेताओं ने रास्ते पर ही बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया.
मीर फरीद