नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने बारामूला में एक रैली में कहा है कि दिल्ली के इरादे अच्छे नहीं हैं, पाकिस्तान लगातार कश्मीर का मुद्दा विश्व मंचों पर उठा रहा है और पाकिस्तान ही हमारी रक्षा कर रहा है.
शनिवार को बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि, 'आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आपको लगता है कि वे आपको न्याय दिलाएंगे? लड़ने का साहस रखें, वरना आप पूरी तरह खत्म हो जाएंगे और आपकी पहचान मिट जाएगी.'
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम ने भारत को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा, "वे आज दुनिया के दबाव के कारण चुप हैं. हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है. वह हर जगह जाकर कहता है कि कश्मीर का मुद्दा अभी तक सुलझा नहीं है. वह हमारी रक्षा कर रहा है; वरना, उनके इरादे तो अच्छे नहीं हैं."
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने भरोसा जताया कि एक दिन जम्मू-कश्मीर को अपना विशेष दर्जा वापस मिल जाएगा.
अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि हम इसके लिए लड़ेंगे. एक दिन हम इसे वापस पा लेंगे."
नरेंद्र मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भर के मुसलमानों से एकजुट होने का आह्वान किया है, जिसे उन्होंने 'जानबूझकर हाशिए पर धकेलने' की कोशिश बताया.
फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी शासित कई राज्यों में मुसलमानों की संपत्तियों, दुकानों, घरों और धार्मिक स्थलों को कथित तौर पर तोड़े जाने पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने समुदाय से एकजुट होने और उन प्रशासनिक कार्रवाइयों के खिलाफ एक साथ खड़े होने की अपील की.
अब्दुल्ला ने अपने समुदाय और क्षेत्रीय राजनीति के उन लोगों से सवाल किया जो अभी भी सत्ताधारी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने पूछा कि वे ऐसी राजनीतिक व्यवस्था का साथ कैसे दे सकते हैं, जिसके दौर में ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर एकता नहीं रही तो संवैधानिक सुरक्षा और समुदाय के हितों के सामने गंभीर चुनौतियां बनी रहेंगी.
पाकिस्तान में जाकर बस जाएं: BJP
पूर्व सीएम के बयान पर जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि, "फारूक अब्दुल्ला को यह समझना चाहिए कि इस देश में उन्हें जो चाहे कहने की आज़ादी है. इसी आजादी की वजह से वे इस तरह के बयान दे पा रहे हैं. अगर उन्होंने यही बातें पाकिस्तान में कही होतीं, तो शायद उन्हें बख्शा नहीं जाता."
सत शर्मा ने कहा कि अनुच्छेद 370 हम पर थोपा गया था और इसे लागू किए जाने के बाद हमने देखा कि लोगों को असल में इससे क्या मिला. महिलाओं के अधिकार छीन लिए गए. आज पूरे देश के मुसलमान, जिनमें जम्मू-कश्मीर के मुसलमान भी शामिल हैं, हालात को समझते हैं. जम्मू-कश्मीर के मुसलमान जानते हैं कि वे भारत के हाथों में सुरक्षित हैं. भारतीय जनता पार्टी इस तरह के बर्ताव को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्हें भारत की जनता से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए. वरना मैं तो यही कहूंगा कि उनके लिए पाकिस्तान एक बेहतर जगह होगी उन्हें वहीं जाकर बस जाना चाहिए."
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