ऑनलाइन काम के बोझ से परेशान थे प्रिंसिपल? घर में लगा ली फांसी, अफसर बोले- ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी

गुजरात के वलसाड में सनसनीखेज कहानी सामने आई है. यहां एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मौके से एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है. आरोप लग रहे हैं कि प्रिंसिपल ऑनलाइन काम और अतिरिक्त जिम्मेदारियों को लेकर परेशान थे. हालांकि शिक्षा विभाग ने अभी सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं की है. पुलिस और विभाग मामले की जांच कर रहे हैं.

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ऑनलाइन काम और चुनावी ड्यूटी की बातें आ रहीं सामने. (Photo: Screengrab) ऑनलाइन काम और चुनावी ड्यूटी की बातें आ रहीं सामने. (Photo: Screengrab)

ब्रिजेश दोशी

  • वलसाड,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST

गुजरात के वलसाड में सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां कपराडा में निलोशी गांव के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल शंकर जाधव ने अपने घर में फांसी लगा ली. आरोप है कि वे ऑनलाइन काम के बोझ से तनाव में थे. घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है.

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शंकरभाई जाधव निलोशी प्राथमिक स्कूल में प्रिंसिपल थे. सूचना के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो एक सुसाइड नोट मिला. शंकरभाई ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इस संबंध में पुलिस परिजनों और साथी शिक्षकों के बयान दर्ज कर रही है. इसमें बच्चों को पढ़ाने के काम के साथ ऑनलाइन कामकाज के बोझ की बात लिखी है. इसको लेकर वे मानसिक तनाव महसूस कर रहे थे. इसी के चलते ये कदम उठा लिया. इन तमाम बातों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

सुसाइड नोट में लिखा- 'बहुत ज्यादा ऑनलाइन काम से लगातार तनाव में रहकर दिन गुजारना सहन नहीं हो रहा, जिसकी वजह से मैं यह कर रहा हूं. लगातार मानसिक तनाव था. कितना सहन करते. इसलिए मैंने यह फैसला लिया है. इसमें किसी का दोष नहीं है. विपुल सबका खयाल रखना और पोस्टमार्टम मत करवाना. कांता बच्चे जहां पढ़ रहे हैं, वहीं पर पढ़ाना, मुझे माफ करना. एक के बाद एक काम का बोझ बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था. स्कूल का काम, चुनाव का काम, लगातार परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से मैंने यह फैसला लिया.'

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इस पूरे मामले को लेकर वलसाड के जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी डीबी वसावा ने बताया कि शंकरभाई जाधव प्राथमिक स्कूल में 28 साल से प्रधानाध्यापक के रूप में काम कर रहे थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की वजह पता चल सकेगी. हम स्कूल के अन्य टीचर्स से भी मिलेंगे और उनसे जानने की कोशिश करेंगे कि क्या कोई ऐसी वजह थी. अब तक हमें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

काम के बोझ या बीएलओ (BLO) के काम के बोझ के बारे में उन्होंने विभाग से कोई शिकायत की थी या नहीं, इस सवाल के जवाब में अधिकारी ने कहा कि शिक्षक ने इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दी थी, इसलिए अभी हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते. हमारी टीम द्वारा जांच की जाएगी और जो भी वजह सामने आएगी, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी. उनके परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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