प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यकर्म को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, अब देश में इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है. करीब आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं. 45% स्टार्टअप में एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है. यानी इनोवेशन के अवसर अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं, अधिक प्रतिभाएं सामने आ रही हैं. हमारी लगातार कोशिश है कि भारत की काबिलियत दूसरे देशों के लिए भी संभावनाओं के नए दरवाजे खोले.
PM मोदी ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी, डेटा, नॉलेज और इनोवेशन सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका इस्तेमाल कैसे हो रहा है. पीएम मोदी के कहा कि, क्या टेक्नोलॉजी सिर्फ कुछ ही लोगों को आगे बढ़ाती है या फिर लाखों लोगों के लिए नए लोगों के लिए नए मौके बनाती है.
उन्होंने कहा कि क्या नॉलेज सिर्फ कुछ लोगों की ताकत तक सीमित रहता है या फिर यह हर किसी की कैपेसिटी बढ़ाता है, और यहीं से एक नई सोच का जन्म होता है, पावर टू एम्पावर.
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत लोकतंत्र की जननी है, भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं, करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूज पेपर और पब्लिकेशन्स हैं. 1,000 से ज़्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल्स हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के दौर में भारत में 500 मिलियन से ज्यादा यूट्यूब यूजर्स हैं. 500 मिलियन से ज्यादा इंस्टाग्राम यूजर्स हैं.
PM ने कहा कि हमारे यहां अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बहस होती है, हमारे यहां अलग-अलग मुद्दों पर जनता चर्चा करती है. इसमें डिजिटल पावर ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. 12-13 साल पहले एक समय वो भी था जब मोबाइल और इंटरनेट तक पहुंच भी अपने-आप में एक शक्ति हुआ करती थी.
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