तमिलनाडु की राजनीति में उदयनिधिन स्टालिन के तृषा कृष्णन पर दिए गए कथित बयान पर राजनीति गरमाई हुई है. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर स्टालिन को अरेस्ट कर लिया है. अब इस पूरे मामले पर उदयनिधिन स्टालिन ने अपनी रुख सामने रखा है.
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि हमने इस सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. मैंने प्रदर्शन के दौरान लगभग 22 मिनट तक भाषण दिया. मैंने विस्तार से बताया कि इस सरकार ने हरसंभव तरीके से किसानों को धोखा दिया है. इसने चुनाव के दौरान किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया और किसानों से किए गए आश्वासनों का भी सम्मान नहीं किया.
उन्होंने कहा कि यह कमजोर और रीढ़विहीन सरकार मेकेदातु बांध के निर्माण के खिलाफ अपनी आवाज तक नहीं उठा सकी. मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए था. मैंने प्रदर्शन में कहा था कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और हमारे नेता हमेशा किसानों के साथ खड़े रहेंगे. लेकिन इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार अब लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. मैंने कल भी कहा था कि यह टीवीके सरकार सिर्फ ध्यान भटकाने की राजनीति करती है. जब भी कोई बड़ा मुद्दा उठता है, यह सरकार लोगों का ध्यान दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश करती है.
डीएमके नेता ने कहा कि 'डमी मुख्यमंत्री' हर दिन रील पोस्ट करते रहते हैं. सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि मंत्री और विधायक भी मानो सिर्फ रीलों की दुनिया में जी रहे हैं. शासन चलाने के बजाय उन्हें रील बनाने की धुन सवार है. मैंने इसी बात की आलोचना की थी.
उदयनिधि ने कहा कि अब मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए वे झूठा दावा कर रहे हैं कि मैंने ऐसी बातें कही हैं, जो मैंने कभी कही ही नहीं. उन्होंने कट-कॉपी-पेस्ट की राजनीति अपनाई है और फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं. पिछले दो वर्षों में सत्ता में आने के बाद इस पार्टी ने अगर किसी चीज में महारत हासिल की है, तो वह है कॉपी-पेस्ट करना, फर्जी रील बनाना और गलत सूचना फैलाना. यही इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई है. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है और आज मुझे गिरफ्तार किया गया है. मैं ऐसी कार्रवाई से डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं. मेरा राजनीतिक संस्कार कलैग्नर की परंपरा और डीएमके में हुआ है. सिर्फ मैं ही नहीं, डीएमके का आखिरी कार्यकर्ता भी ऐसी गिरफ्तारियों से नहीं डरेगा. हम इस लड़ाई को कानूनी तरीके से लड़ेंगे. हमने इस सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है.
क्या है मामला?
उदयनिधि स्टालिन कावेरी जल विवाद को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान भीड़ को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा और तमिलनाडु के लिए कावेरी के पानी के उचित प्रबंध को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की.
इसी दौरान भीड़ ने तृषा, तृषा के नारे लगाने शुरू कर दिए. कहा जा रहा है कि इसी दौरान स्टालिन ने भीड़ से पूछा कि वह तृषा के नारे क्यों लगा रहे हैं और इस दौरान द्विअर्थी बयान दिया और अभद्र इशारा किया.
सगाय राज