पाकिस्तानी फिल्म 'मेरा ल्यारी' का ट्रेलर रिलीज, धुरंधर का जवाब देने की तैयारी? जानिए क्या है कहानी

मई में रिलीज होने वाली पाकिस्तानी फिल्म 'मेरा ल्यारी' को कराची के ल्यारी टाउन पर ही आधारित बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' का 'जवाब' कहा जा रहा है.

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धुरंधर और मेरा ल्यारी (Photo: ITGD) धुरंधर और मेरा ल्यारी (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

कराची का 'ल्यारी' इलाका इन दिनों सरहदों के दोनों पार चर्चा का विषय बना हुआ है. पिछले साल तक भारत के आम लोगों के लिए यह नाम शायद अनजान था, लेकिन ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' ने इसे रातों-रात घर-घर में पहचान दिला दी. फिल्म में ल्यारी को अपराध, गैंगवॉर और दहशत के केंद्र के रूप में दिखाया गया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर तो 3000 करोड़ से ज्यादा बटोर लिए.

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अब इसी 'नकारात्मक छवि' को धोने के लिए पाकिस्तान एक नई फिल्म 'मेरा ल्यारी' लेकर आ रहा है. यह सिर्फ दो फिल्मों की टक्कर नहीं है, बल्कि एक ही जगह को दो अलग-अलग चश्मों से देखने की कोशिश है. एक तरफ जासूसी और एक्शन का तड़का है, तो दूसरी तरफ खेलों के जरिए सम्मान वापस पाने की जद्दोजहद.

आदित्य धर का ल्यारी
आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी 'धुरंधर' एक स्पाई थ्रिलर है. फिल्म में रणवीर एक भारतीय जासूस (हमजा) बने हैं, जो 2000 के दशक में ल्यारी के खतरनाक 'रहमान बलूच गैंग' के भीतर पैठ बनाता है. यह फिल्म 2005 से लेकर 2022 तक के कालखंड को समेटती है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे यह इलाका तस्करी और आतंक का अड्डा बना हुआ था. 

फिल्म में 2009 के उस असल 'ऑपरेशन ल्यारी' का भी जिक्र है, जिसे कराची पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ चलाया था. इसमें रहमान, उजैर बलूच और एसपी चौधरी असलम जैसे असली किरदारों के साथ-साथ अजीत डोभाल और नवाज शरीफ जैसी बड़ी हस्तियों से प्रेरित पात्र भी नजर आते हैं.

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क्या है 'मेरा लियारी'?
भारत में 'धुरंधर' की सफलता के बाद पाकिस्तान में इसे एक 'प्रोपेगैंडा' के तौर पर देखा गया. इसी के जवाब में फिल्म 'मेरा लियारी' बनाई गई है. अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म अपराध के बजाय खेलों पर आधारित एक 'स्पोर्ट्स ड्रामा' है. इसकी कहानी मुख्य रूप से ल्यारी की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों पर केंद्रित है. फिल्म में फेमस एक्ट्रेस आयशा उमर एक ऐसी कोच की भूमिका में हैं, जो घरेलू हिंसा और गंभीर चोट का शिकार होने के बाद वापस अपने इलाके लौटती हैं ताकि वहां की लड़कियों को फुटबॉल के गुर सिखा सकें. इस फिल्म में दानानीर मोबीन और ट्रिनेट लुकास भी अहम भूमिकाओं में हैं, साथ ही स्थानीय फुटबॉलर्स को भी कास्ट किया गया है.

'मेरा ल्यारी' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए इसका प्रीमियर 'यूके एशियन फिल्म फेस्टिवल' में रखा गया है. इसके बाद, 8 मई को इसे पाकिस्तान के सिनेमाघरों में आम जनता के लिए रिलीज किया जाएगा. अब देखना यह होगा कि क्या यह फिल्म 'धुरंधर' द्वारा बनाई गई उस छवि को बदलने में कामयाब होती है, जिसे भारतीय दर्शकों ने बड़े पर्दे पर जिया है. फिलहाल, ल्यारी एक बार फिर सिनेमाई पर्दे के जरिए अपनी पहचान की जंग लड़ रहा है.

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