'इटली की मां मजबूर कर रहीं...', कंगना रनौत ने सोनिया का नाम लेकर राहुल गांधी को घेरा

कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता हैं और लगातार तीसरी बार भारी जनादेश हासिल कर चुके हैं.

Advertisement
कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर साधा निशाना. (Photo: PTI) कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर साधा निशाना. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:43 PM IST

एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश का मजाक बना रखा है.

कंगना रनौत ने कहा कि मुझे लगता है कि वह देश का मजाक बना रहे हैं. वह लगातार देश का उपहास उड़ाते हैं, उनके लिए हर चीज एक मजाक है. मैंने पहली बार संसद का इस तरह मजाक बनते देखा है. एक तरफ वह अमित शाह जी से जवाब मांग रहे हैं कि उन्होंने छात्रों के साथ ऐसा कुछ किया या नहीं और दूसरी तरफ उसी सांस में कह रहे हैं कि हम उनकी बात सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं.

Advertisement

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में अब शर्म या मर्यादा नाम की कोई चीज नहीं बची है. पूरी दुनिया यह देख रही है और सोच रही है कि आखिर यह किस तरह का व्यक्ति है. जिस तरह से वह अपनी हताशा निकाल रहे हैं और संसद का अपमान कर रहे हैं, वह दरअसल पूरे देश और उसके नागरिकों का अपमान है. नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनकी भूमिका को देखते हुए मुझे लगता है कि यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा.

कंगना ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता हैं और लगातार तीसरी बार भारी जनादेश हासिल कर चुके हैं. ऐसा लगता है कि वह सोचते हैं कि इस देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए.

Advertisement

बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी के अन्य कदमों का जिक्र करते हुए उन पर जॉर्ज सोरोस और अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि आखिर में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसका इस्तीफा मांगते हैं या क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी कोई परवाह नहीं है. उनकी इतालवी मां ही किसी तरह विपक्ष को उन्हें अपना नेता स्वीकार करने के लिए मजबूर कर रही हैं. वरना सौ चुनाव हार चुके व्यक्ति की कोई राजनीतिक हैसियत नहीं होती.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »