'मुझे आपसे डर नहीं लगता', झारखंड प्रोटेस्ट पर चुप नसीरुद्दीन शाह, पीयूष मिश्रा ने कसा तंज

झारखंड में छात्रों का प्रोटेस्ट जारी है. एक्टर पीयूष मिश्रा ने छात्रों का समर्थन करते हुए उनके बीच जाकर मनोबल बढ़ाया. उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी.

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पीयूष मिश्रा का नसीरुद्दीन शाह को जवाब (Photo: Screengrab) पीयूष मिश्रा का नसीरुद्दीन शाह को जवाब (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:12 AM IST

दिल्ली के बाद झारखंड में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट चल रहा है. रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्र आंदोलन पर बैठे हैं. बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर पीयूष मिश्रा इस प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर रहे हैं. रविवार को वो छात्रों के बीच पहुंचे. उन्होंने 'आरंभ है प्रचंड' और 'इक बगल में चांद होगा' जैसे गाने गाकर छात्रों का मनोबल बढ़ाया. पीयूष ने यहां नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयान का जवाब दिया. 

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दिल्ली के CJP प्रोटेस्ट के दौरान नसीरुद्दीन शाह ने इंडस्ट्री की चुप्पी पर सवाल उठाए थे. एक्टर ने सभी पर तंज कसते हुए कहा था- जिनके मुंह में हड्डियां होती हैं, वे बोल नहीं सकते. नसीरुद्दीन शाह का कहना था कि फिल्मी सितारे अपना फायदा देखकर ही किसी मुद्दे पर बोलते हैं. नसीरुद्दीन के इसी बयान पर अब पीयूष ने रिएक्ट किया है. उन्होंने दिल्ली और झारखंड के स्टूडेंट प्रोटेस्ट में बड़ा अंतर होने की बात कही.

झारखंड प्रोटेस्ट के छात्रों से मिले पीयूष

पीयूष ने छात्रों से कहा- आप सबसे बात करके बहुत अच्छा लगा. इसलिए मैं आज फिर यहां आया हूं. सरकार का काम सरकार चलाना है. वो हर कदम सोच-समझकर उठाती है. वे शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. आप लोगों को भी शांति बनाकर रखनी चाहिए. गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल ना करें. मैं इस मामले में पुराने ख्यालों वाला हूं. गाली-गलौच मुझसे बर्दाश्त नहीं होती. मेरे दो बेटे हैं, जो Gen Z हैं. वे पॉलिटिक्स को लेकर भी जागरूक हैं.

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''मैं छात्रों के खिलाफ नहीं हूं जो इस पूरे मामले में शामिल थे. आखिर वो स्टूडेंट्स थे. लेकिन वहां (सीजेपी प्रोटेस्ट) जो कुछ हुआ, उस पर गौर फरमाने की जरूरत है. CJP प्रोटेस्ट के दौरान नसीर साहब ने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री चुप बैठी है. आंदोलन के सपोर्ट में आवाज नहीं उठा रही है. उन्होंने कहा था- जिनके मुंह में हड्डियां हैं, वे बोल नहीं सकते. नसीर साहब, प्लीज मुझे माफ करना. मैं ये बात पूरी इज्जत के साथ कह रहा हूं, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि इस वक्त कौन है वो 'डॉग्स', जिनके मुंह में हड्डियां हैं? यहां हो रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट और दिल्ली-मुंबई में हुए आंदोलनों में बड़ा फर्क है. यहां के आंदोलनकारी छात्र पिज्जा या बर्गर नहीं खा रहे हैं. वो दाल-चावल खाकर आंदोलन कर रहे हैं. ''

''क्या आप लोग इसलिए चुप रहे क्योंकि आपको पिज्जा और बर्गर खाने की इच्छा थी, या फिर इसलिए क्योंकि आप एक खास भीड़ का हिस्सा थे? मुझे माफ कीजिएगा नसीर साहब, मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन अब मुझे आपसे डरने का मन नहीं करता.''
 

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