आज का दिन मूवी लवर्स के लिए काफी खास जाने वाला है, क्योंकि एक ही साथ कई सारी फिल्में रिलीज हुई हैं. नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस यामी गौतम भी इस हफ्ते अपनी नई फिल्म नई नवेली लेकर आईं. फिल्म का ट्रेलर काफी मजेदार सी फील दे रहा था. कहानी भी काफी अनोखी लग रही थी- एक औरत जो डायन है.
इस फिल्म के मेकर्स आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा हैं जिन्होंने इससे पहले रांझणा, तनु वेड्स मनु जैसी सुपरहिट फिल्में बनाईं. वो अपनी हर फिल्म में कुछ नया और यूनीक करते हैं. ऐसे में यामी की इस फिल्म से भी उम्मीदें बढ़ीं. साथ ही इसकी स्टारकास्ट भी अच्छी है, सब एक से बढ़कर एक हैं. क्या फिल्म नई नवेली मुझे एंटरटेनिंग लगी? आइए, विस्तार से बात करते हैं.
क्या है नई नवेली?
कहानी है मेरठ की जहां अवस्थी परिवार का बड़ा बेटा राजा (आदिनाथ कोठारे) एक लड़की (यामी गौतम) से शादी करता है. मगर राजा के छोटे भाई बंटू (अनुराग ठाकुर) को अपनी भाभी पर शक है कि वो एक डायन है. मोहिनी की हरकतें बड़ी अजीब-गरीब हैं. वो मंदिर नहीं जाती है, शमशान में जाकर पूजा करती है. जिसे छूती है उसकी सेहत अच्छी हो जाती है. वो एक सुंदर-सुशील कन्या है, जिसपर अगर किसी की गंदी नजर पड़ जाए तो उसके साथ कुछ बुरा होना तय है.
अब पूरा अवस्थी परिवार मोहिनी का सच पता करने की कोशिशों में जुट जाता है. एक दिन उन्हें मालूम पड़ जाता है कि जिस बहू को वो सुशील और संस्कारी समझ रहे थे, असल में वो एक बेहद शक्तिशाली देवी है जो धरती पर बुराई को दूर करने आई है. उसकी कहानी त्रेता युग से चली आ रही है, जब भगवान राम और रावण का वास हुआ करता था. अब इस नई नवेली में रामायण से जुड़ी ऐसी क्या कहानी है, जिससे अवस्थी परिवार को बचाने मोहिनी की एंट्री हुई? ये तो आप जब फिल्म देखेंगे, तभी समझ पाएंगे.
कॉमेडी है जबदस्त
फिल्म नई नवेली को लेकर शुरुआत में ही एक बहुत बड़ी चेतावनी दे दी गई थी. यामी गौतम की आवाज में ये साफ किया गया कि ये कहानी महज काल्पनिक है, और इसके कुछ हिस्सों का इतिहास से कोई लेना-देना नहीं है. चूंकि फिल्म में रामायण से जुड़े कई सारे संकेत और रेफ्रेंस डाले गए हैं, इसलिए ये चेतावनी दी गई ताकि असल कहानी को इस काल्पनिक कहानी से ना जोड़ा जाए. यामी गौतम की फिल्म शुरू भी रामायण की झलक से होती है, और अंत तक आप समझ भी जाते हैं कि क्यों इसे दशहरा रिलीज के तौर पर देखा जा रहा है.
मेकर्स के मुताबिक, नई नवेली एक फैंटेसी-फैमिली एंटरटेनर है और इस बात में कोई शक भी नहीं है. फिल्म में मनोरंजन कूट-कूटकर भरा है. शुरुआत से ही ये आपको खूब हंसाती है. अवस्थी परिवार में जितने भी सदस्य दिखाए गए हैं, सभी को अच्छा स्क्रीन टाइम मिला है. उनके किरदारों को समझने और उनसे जुड़ने का पूरा समय दिया गया, जिससे ह्यूमर भी अच्छा लैंड हुआ. फिल्म का फर्स्ट हाल्फ पूरा कॉमेडी और सस्पेंस से भरा है, जिसमें आप मोहिनी के किरदार की पूरी कहानी को एक्सप्लोर होते देखते हैं.
सेकंड हाल्फ में कमजोर यामी की फिल्म
हालांकि जब मोहिनी के किरदार का पर्दाफाश हो जाता है, वहीं से फिल्म कमजोर होनी शुरू हो जाती है. पिक्चर का इंटरवल आते-आते कहानी बिखरने लगती है. सेकंड हाल्फ देखा जाए, तो उतना इंप्रेस करने वाला नहीं है. कहानी थोड़ी ज्यादा फैमिली ड्रामा और विलेन के भौकाल पर शिफ्ट हो जाती है, जिसमें आपका सामना जॉम्बी से भी होता है.
कई ऐसे क्षण होते हैं जब आप सोचते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है. कहानी में रामायण का रेफ्रेंस डालना एक अच्छा आइडिया है, लेकिन एक समय बाद वो काफी अटपटा लगने लगता है. राइटर हिमांशु शर्मा शायद इसे थोड़ा और बेहतर तरीके से पेश कर सकते थे. फिल्म का क्लाइमैक्स कमजोर है, दशहरा के मौके पर एक सीख देने की कोशिश नजर आई है. मगर वो उतनी असरदार नहीं. डायलॉग भी दमदार नहीं हैं कि आप उन्हें वापस दौहराएं. गानों की बात करें, तो वो भी दोबारा सुनने लायक नहीं हैं.
कैसा है एक्टर्स का काम?
फिल्म में अगर एक्टिंग की बात करें, तो यामी गौतम और आदिनाथ कोठारे ने इसे अपने कंधों पर संभाले रखा है. 'सुपरवुमन' के रूप में यामी पहली बार नजर आईं, और ये देखकर अच्छा भी लगा कि किसी फिल्म में 'हीरो' एक फीमेल लीड है. वहीं आदिनाथ कोठारे का किरदार सरप्राइजिंगली काफी बेहतरीन है, जिसे ट्रेलर में भी सरप्राइज रखा गया था.
इसके बाद बारी आती है सपोर्टिंग आर्टिस्ट्स की, जिन्होंने इस फिल्म में मसाला डालने का काम किया. सुनीता राजवर, अनुराग ठाकुर, आदित्य कुलश्रेष्ठ (कुल्लू), मीता वशिष्ठ, प्रतीक पचोरी, सुष्मिता मुखर्जी, सोनल झा, सुनील सिन्हा- इन सभी का काम बढ़िया था. अनुराग ठाकुर, जिन्होंने फिल्म में बंटू का किरदार निभाया उन्हें एक स्पेशल मेंशन. हर सीन में कॉमिक टाइमिंग, इमोशन्स जबरदस्त थे. एक्टर ने इसमें अपनी एक्टिंग रेंज का अच्छा प्रदर्शन किया.
हैरान करेंगे कुल्लू
वहीं फेमस स्टैंडअप कॉमेडियन-राइटर कुल्लू का इसमें एक मजेदार रोल है, जो आपको सचमुच हंसाता है. साथ ही आप उनके लिए थोड़ा अफसोस भी करते हैं. कहानी में कुल्लू और मीता वशिष्ठ का काफी अनोखा एंगल है, जिसकी उम्मीद तो शायद किसी को नहीं होगी. जब आप फिल्म देखेंगे, तो समझ जाएंगे.
कुल मिलाकर, यामी गौतम की फिल्म नई नवेली एक एवरेज एंटरटेनर है जिसकी कहानी इंप्रेस ना करे लेकिन कॉमेडी आपको अच्छी लग सकती है. आप दशहरा के मौके पर अपने बच्चों को ये फिल्म दिखा सकते हैं.
पर्व जैन