'शादी हो गई, अब काम क्यों?' करोड़पति डायरेक्टर से शादी के बाद बर्बाद हुआ करियर, रातोरात छिना काम

आलिया भट्ट की मां और एक्ट्रेस सोनी राजदान को महेश भट्ट से शादी करने के बाद काम मिलना बंद हो गया था. सोनी ने कहा कि शादी के बाद पूरी इंडस्ट्री ने उन्हें नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था.

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सोनी राजदान का छलका दर्द (Photos: Instagram @sonirazdan) सोनी राजदान का छलका दर्द (Photos: Instagram @sonirazdan)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST

सोनी राजदान एक जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. लेकिन उन्हें लोग अक्सर आलिया भट्ट की मां और महेश भट्ट की पत्नी का ही टैग देते हैं. सोनी राजदान ने अब बताया है कि महेश भट्ट से शादी करने के बाद उन्हें काम मिलना बंद हो गया था. 

सोनी राजदान का छलका दर्द

Zoom संग बातचीत में सोनी राजदान ने कहा- शादी के वक्त मैं पहले से ही काम कर रही थी. शादी के बाद भी वो काम चलता रहा, लेकिन उसके थोड़े टाइम बाद कुछ नहीं हुआ. सब बिल्कुल जीरो हो गया था. ऐसा लगा जैसे सब कुछ हाथ से चला गया. 

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बता दें कि सोनी राजदान और महेश भट्ट की शादी 1986 में हुई थी. सोनी, फिल्ममेकर महेश भट्टी की दूसरी पत्नी हैं. महेश भट्ट संग शादी के बाद भी सोनी को लगता था कि वो एक एक्ट्रेस के तौर पर अपनी काबिलियत साबित करने के लिए भरपूर काम कर चुकी हैं. लेकिन बाद में उनका ये भ्रम टूट गया था. 

सोनी राजदान ने बताया कि जब उन्होंने अपने पति से पूछा था कि उन्हें काम मिलना क्यों बंद हो गया, तो महेश भट्ट ने उनसे कहा था कि इंडस्ट्री के लोगों ने उनसे सीधे तौर पर पूछा था- क्या तुम्हारी पत्नी को काम करने की जरूरत है? उनकी शादी तो हो चुकी है न?

सोनी ने कहा कि पहले वो लोगों की इस तरह की सोच से वाकिफ नहीं थीं, जहां शादी के बाद महिलाओं से काम छोड़ने की उम्मीद की जाती थी. वो बोलीं- मेरे लिए यह सोच बहुत अजीब थी.  मैं उस सोच या मानसिकता के माहौल से नहीं आई थी, लेकिन उन दिनों बहुत से लोग ऐसा ही सोचते थे. 

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परिवार के साथ काम को बैलेंस करना जानती थीं सोनी राजदान

सोनी राजदान ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि एक अच्छा कलाकार बनने के लिए एक भरपूर जिंदगी जीना बहुत जरूरी है. ब्रेकअप, दर्द या खुशी जैसी असली भावनाएं ही उनके लिए बेहतरीन अदाकारी की नींव थीं. किताबें उन्हें भावनाओं के बारे में सिखा तो सकती थीं, लेकिन उन्हें खुद महसूस करके ही वो फीलिंग्स स्क्रीन पर पूरी शिद्दत और सच्चाई के साथ निभाना चाहती थीं. 

सोनी ने यह भी कहा कि वो ऐसे करियर के लिए अपनी पर्सनल लाइफ की कुर्बानी देने को तैयार नहीं थीं, जिसकी कोई गारंटी नहीं थी. उनका फैसला बिल्कुल साफ था. वो अपनी जिंदगी खुलकर जिएंगी और उसी के साथ अपने करियर को भी संभालेंगी. आखिरकार वो परिवार और काम के बीच बैलेंस बनाने में कामयाब रहीं.

लेकिन उन्होंने माना कि इस चीज की वजह से उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा. उन्हें सालों तक इंडस्ट्री ने नजरअंदाज किया, क्योंकि लोगों ने यह मान लिया था कि शादीशुदा महिलाओं की जगह स्क्रीन पर नहीं है. 

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