मथुरा के पेड़े और ठाकुर जी की पोशाक... CM योगी आदित्यनाथ के दिल में क्या है

सीएम योगी ने कहा कि यूपी के स्थानीय उत्पाद अब देश ही नहीं, दुनिया में पहचान बना रहे हैं. मथुरा की ठाकुर जी की पोशाक और पेड़े का जिक्र करते हुए उन्होंने ODOP और वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजिन योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 में यूपी के एमएसएमई क्षेत्र से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ.

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CM योगी ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी विस्तार से उल्लेख किया. (Photo- Arun Kumar/ITG) CM योगी ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी विस्तार से उल्लेख किया. (Photo- Arun Kumar/ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास मॉडल, एमएसएमई और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से बात की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास, विरासत, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई उद्यमों और स्थानीय उत्पादों को पहचान देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना शुरू की. अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार उपलब्ध कराने पर काम किया गया.

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उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ का हार्डवेयर, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ के खेल उत्पाद, सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी, भदोही का कालीन, वाराणसी की रेशम की साड़ी, गोरखपुर का टेराकोटा और सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल जैसे उत्पादों को पहचान दिलाई गई.

सीएम योगी ने कहा कि जब सर्वे कराया गया तो पांच जिलों में ऐसे विशिष्ट उत्पाद मिले. इसके बाद अधिकारियों को सभी जिलों के उत्पादों की पहचान करने और उन्हें एक विशिष्ट पहचान के साथ जोड़ने के निर्देश दिए गए. इसके परिणामस्वरूप 75 जिलों के लिए एक-एक विशिष्ट उत्पाद को सामने लाया गया.

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मथुरा की ठाकुर जी की पोशाक बनी ODOP का हिस्सा

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मथुरा में ठाकुर जी की पोशाक को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का हिस्सा बनाया गया. मुझे यह देखकर खुशी होती है कि यहां की पोशाक को आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी पहचान मिल रही है. सरकार ने केवल स्थानीय उत्पादों को पहचान देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजिन योजना पर भी काम किया जा रहा है. इसके तहत मथुरा के लिए मथुरा का पेड़ा चुना गया है.

उन्होंने कहा कि मथुरा में आयोजित प्रदर्शनी में उन्हें ठाकुर जी की पोशाक तैयार करने वाले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से मिलने का मौका मिला. उन्होंने महिलाओं से उनकी कमाई और कारोबार के बारे में पूछा. किसी महिला ने एक करोड़ रुपये की कमाई की बात बताई तो किसी ने अपने समूह का 10 करोड़ रुपये का कारोबार होने की जानकारी दी.

योगी ने कहा कि क्या 2017 से पहले कोई इसकी कल्पना कर सकता था? उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में यह सब संभव है.

‘सरकार ने कारीगरों के लिए बाजार के दरवाजे खोले’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए बाजार उपलब्ध कराया और उन्हें टैक्स से राहत दी. उन्होंने कहा कि जब सरकार संवेदनशील होती है तो अपने कारीगरों को उद्यमी बनाने में देर नहीं लगती. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार के दरवाजे खोले, उद्यमों तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी दी, बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की और कारीगरों को तकनीक, पैकेजिंग और डिजाइन से जोड़ा. आज इसका परिणाम है कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की गूंज दुनिया भर में सुनाई दे रही है.

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उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय बाजार की नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार की बात कर रहे हैं और यह निर्यात अकेले यूपी के एमएसएमई क्षेत्र से हुआ है.

अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन से लेकर बौद्ध स्थलों तक का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन और बलदेव जैसे प्रमुख तीर्थस्थल उत्तर प्रदेश में हैं. राज्य में बौद्ध और जैन परंपरा से जुड़े भी कई महत्वपूर्ण स्थल हैं. भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर और संकिसा जैसे स्थल उत्तर प्रदेश में हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध ने अपना बचपन जिस स्थान पर बिताया, वह कपिलवस्तु उत्तर प्रदेश में है. उन्होंने पहला उपदेश सारनाथ में दिया और श्रावस्ती में उन्होंने सबसे अधिक चातुर्मास बिताए. भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण कुशीनगर में हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों में से सबसे अधिक तीर्थंकरों का संबंध उत्तर प्रदेश से रहा है.

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‘आजादी की लड़ाई में भी यूपी ने निभाई बड़ी भूमिका’

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल सनातन आस्था और भारत की विरासत का प्रदेश नहीं है, बल्कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि बलिया में जन्मे मंगल पांडे ने बैरकपुर में इस संघर्ष की चिंगारी जलाने का काम किया था. इसके बाद 1857 में कानपुर में नाना साहेब, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई और मेरठ में धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में संघर्ष आगे बढ़ा.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ही गोरखपुर का चौरी-चौरा कांड और लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन जैसी ऐतिहासिक घटनाएं हुईं, जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाने का काम किया.

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