पंचायत आजतक में सीएम योगी ने पेश किया यूपी का रिपोर्ट कार्ड

मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास और पर्यटन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि और अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव आया है.

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का रखा रिपोर्ट कार्ड (Photo-ITG) सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का रखा रिपोर्ट कार्ड (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ल,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:43 PM IST

मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के विशेष सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत किया. उन्होंने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ब्रजभूमि के महत्व को रेखांकित करते हुए 2017 के बाद उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से मथुरा में आए आमूलचूल परिवर्तनों का ब्योरा रखा. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास और पर्यटन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि और अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव आया है.

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सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने हज़ारों वर्ष पूर्व इसी पावन धरा पर जन्म लेकर मानव जीवन के रहस्यों, सत्य और धर्म के मार्ग को कर्तव्य के माध्यम से जीने की प्रेरणा दी थी। आज पूरे प्रदेश और श्रद्धालुओं के घरों में उत्सव जैसा माहौल है.

जनसंख्या को बनाया 'डेमोग्राफिक डिविडेंड'- सीएम योगी

 सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और युवा शक्ति को पिछली सरकारों ने एक समस्या माना. हमारी सरकार ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और युवाओं की स्किलिंग को सीधे रोजगार तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ा. युवाओं की शक्ति को सही दिशा देने के लिए उनकी प्रतिभा को स्केलिंग, स्किलिंग (कौशल विकास), रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ जोड़ा जा रहा है.

योगी ने बताया किसान और खेती की कैसी बदली स्थिति

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने इस रणनीति को राज्य में सफलतापूर्वक लागू किया है. देश की कुल कृषि योग्य भूमि का केवल 11% उत्तर प्रदेश में है, लेकिन राज्य आज देश का 21% खाद्यान्न उत्पादित कर रहा है. कृषि विकास दर जो पहले 8% थी, वह बढ़कर 18-21% तक पहुंच गई है.

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे उर्वर भूमि है, लेकिन पिछली सरकारों में किसानों को एक समस्या माना जाता था, जिससे वे आत्महत्या और पलायन के लिए मजबूर थे. वर्तमान सरकार ने किसानों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान निकाले.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2007 से 2017 के बीच प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हो गई थीं और गन्ना किसानों का भुगतान अटका हुआ था. 2017 के बाद से प्रदेश में 122 चीनी मिलें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं और इस दौरान एक भी मिल बंद नहीं हुई.

उन्होंने बताया कि किसानों की हताशा को दूर करने के लिए बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया, आधुनिक तकनीकों को लागू किया गया और उपज को बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई.

जवाहरबाग हिंसा से मथुरा के बदलाव योगी ने बताया

सीएम योगी ने कहा कि अकेले 2025 में 156 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्तर प्रदेश का दौरा किया, जिसमें से 11 करोड़ श्रद्धालु केवल ब्रज भूमि आए. इसने राज्य की अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. पिछली सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश कर्फ्यू, दंगों और उपद्रव से ग्रस्त था. हमारी सरकार ने इन चुनौतियों को समाधान में बदलकर राज्य को एक नई पहचान दी है.

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2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'याद करिए जून 2016 की जवाहरबाग की वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जहां 29 लोग मारे गए थे, पुलिस अधिकारी शहीद हुए थे और अराजकता का तांडव था। जहां पहले श्रद्धालु आने से डरते थे, आज उसी धरती पर वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है.

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि अकेले पिछले वर्ष (2025 में) 11 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक ब्रजभूमि में आए। वहीं पूरे उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिसने आस्था को आर्थिकी (अर्थव्यवस्था) के साथ जोड़ने का एक नया मॉडल दुनिया के सामने पेश किया।

सीएम योगी ने कहा कि यह परिवर्तन उस नीयत का परिणाम है जो चुनौतियों से भागती नहीं, बल्कि उनमें संभावनाएं तलाशकर समाधान तक पहुंचती है। बरसाना का रंगोत्सव, ब्रज रज महोत्सव और 84 कोसी परिक्रमा आज उत्तर प्रदेश के नए और सुरक्षित माहौल का प्रतीक बन चुके हैं.

चीनी उद्योग और गन्ना किसानों को मिली संजीवनी

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने कहा कि 2007 से 2017 के बीच राज्य में 29 चीनी मिलें बंद हो गई थी. गन्ना किसानों का  बकाया भुगतान अटका हुआ था. हमारी सरकार आने के बाद सिर्फ बकाया का भुगतान ही नहीं किया गया बल्कि बंद पड़ी मिलें भी शुरू की गई.

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योगी ने कहा कि आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें सफलतापूर्वक चल रही हैं और पिछले 9 वर्षों में एक भी चीनी मिल बंद नहीं हुई है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से गन्ना किसानों के खातों में 3,26,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है, 122 में से 110 चीनी मिलें हर चौथे दिन किसानों का भुगतान उनके खातों में कर रही हैं.,

उन्होंने कहा कि दस चीनी मिलें ऐसी हैं जिनमें समस्याएं हैं. उनका भी समाधान निकाला जा रहा है, लेकिन मैं मानता हूं, जहां चाह वहां रहा. अगर सरकार ठान ले की हमें ये करना ह,। उस कार्य को होने में देर नहीं लगती है. पिछले साढ़े नौ वर्ष के अंदर यह सब हुआ. उत्तर प्रदेश के अंदर कोई भी समाज हो, कोई भी सोसाइटी है सभी क्षेत्र में काम हुए हैं. 

MSME, हस्तशिल्प और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP)

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले एमएसएमई सेक्टर से जुड़े कारीगर और हस्तशिल्पी उपेक्षा, प्रदूषण बोर्ड के डर और सुविधाओं के अभाव के कारण पलायन कर रहे थे, लेकिन हमारी सरकार ने यह हालत बदलकर नया माहौल पैदा किया है. राज्य के सभी 75 जिलों के यूनिक (विशिष्ट) उत्पादों को पहचान देने के लिए 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) योजना शुरू की गई।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का ब्रास, अलीगढ़ का हार्डवेयर, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ का स्पोर्ट्स सामान, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही का कालीन, वाराणसी की रेशमी साड़ी, गोरखपुर का टेराकोटा, सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल और मथुरा में ठाकुर जी की पोशाक.

उन्होंने कहा कि ODOP की सफलता के बाद खाद्य व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए यह पहल शुरू की गई, जिसके तहत मथुरा का पेड़ा शामिल है. बाजार और सुविधाएं मिलने से महिला स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भर बन रहे हैं और करोड़ों रुपये का टर्नओवर अर्जित कर रहे हैं.

सीएम योगी ने बताया कि सरकार द्वारा कारीगरों को बाजार, कनेक्टिविटी, बिजली आपूर्ति, आधुनिक तकनीक, डिजाइन और पैकेजिंग से जोड़ने का नतीजा है कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) की गूंज आज वैश्विक स्तर पर है. वित्त वर्ष 2025-26 में अकेले उत्तर प्रदेश के एमएसएमई (MSME) सेक्टर ने दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का ग्लोबल एक्सपोर्ट किया. 

योगी बोले-दंगा प्रदेश' को बनाया विकास का रोल मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की बदलती छवि और विकास यात्रा पर अपने विचार रखे. उन्होंने पिछली सरकारों की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि जिन्होंने उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और संसाधनों को समस्या माना, उन्होंने प्रदेश की दुर्गति की, जबकि उनकी सरकार ने इन्हीं चुनौतियों को संभावनाओं में बदलकर सफलता का नया आयाम स्थापित किया.

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सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर प्रहार करते हुए कहा कि पिछली नीतियों ने उत्तर प्रदेश को कर्फ्यूग्रस्त, दंगाग्रस्त और उपद्रव प्रदेश में बदल दिया था. लेकिन वर्तमान सरकार ने इन चुनौतियों से भागने के बजाय समाधान निकाला, जिससे आज प्रदेश में शांति और चौतरफा प्रगति दिखाई दे रही है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने राज्य की क्षमता में विश्वास जताया और चुनौतियों को एक अवसर के रूप में लिया, वे आज सफलता के नित नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं. इसी सोच के चलते उत्तर प्रदेश आज हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने की सामर्थ्य रख रहा है.

सनातन और बौद्ध-जैन विरासत का केंद्र यूपी

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को रेखांकित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पास अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, गोकुल और बरसाना जैसे प्रमुख सनातन तीर्थस्थल हैं. इसके अलावा, भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थल (कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशाम्बी और संकिसा) तथा 24 में से सर्वाधिक जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि भी उत्तर प्रदेश ही है.

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि मंगल पांडे, नाना साहेब, रानी लक्ष्मीबाई और धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में 1857 के प्रथम स्वांतत्र्य समर की अलख इसी धरती से जली थी। गोरखपुर का चौरी-चौरा और लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी.

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बीमारू यूपी नहीं, पूर्व की सरकारों की नीतियां बीमार थीं

2017 से पहले की यूपी की स्थिति पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योग्य नेतृत्व के अभाव और राजनीतिक स्वार्थ के कारण राज्य के सामर्थ्य को कुंद किया गया. व्यापारी, युवा और नागरिक बाहर अपनी पहचान छिपाने को मजबूर थे. उन्होंने कहा किबीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, बीमार वह मानसिकता और नीतियां थीं जो 2017 से पहले शासन कर रही थीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस सोच को बदला और नई नीति को लागू किया.  डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज यूपी 'बॉटम-3' से निकलकर देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था में लाने काम किया. और भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य 'ग्रोथ इंजन' बन गया है.

उन्होंने कहा कि निवेश की पहली शर्त सुरक्षा, पारदर्शी नीति और 'सिंगल विंडो' व्यवस्था होती है. 2017 से पहले माफियाओं, दंगाइयों और पेशेवर अपराधियों को संरक्षण देने वाले लोग ही प्रदेश के निवेश, पर्यटन, महिला सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के सबसे बड़े विरोधी थे.

 

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