ओवैसी यूपी में अखिलेश के लिए बन गए हैं टेंशन, सपा कैसे निकालेगी AIMIM की काट

उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी की बढ़ती जमीनी सक्रियता और रैलियों ने समाजवादी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है, जिससे 2027 के चुनाव में सपा के कोर वोटबैंक में सेंधमारी और नए सियासी समीकरण बनने के आसार तेज हो गए हैं.

Advertisement
यूपी में असदुद्दीन ओवैसी बनाम अखिलेश यादव (Photo-ITG) यूपी में असदुद्दीन ओवैसी बनाम अखिलेश यादव (Photo-ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की बढ़ती जमीनी सक्रियता ने समाजवादी पार्टी के सियासी गणित को उलझा दिया है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी लगातार अपने तीखे भाषणों में सपा को निशाने पर ले रहे हैं और अखिलेश यादव की मुस्लिम पॉलिटिक्स पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

आजमगढ़ से लेकर रामपुर तक और सहारनपुर से मेरठ तक असदुद्दीन ओवैसी के हमलों का मुख्य केंद्र सपा का कोर वोटबैंक ही रहा है. इसी बीच सामने आए एक हालिया वीडियो ने राज्य में तीसरे मोर्चे की अटकलों को हवा दे दी है, जिसके बाद सपा खेमा पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.

Advertisement

उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों में असदुद्दीन ओवैसी लगातार एक के बाद एक रैलियां करके सियासी माहौल बनाना शुरू कर चुके हैं. ओवैसी का पूरा फोकस सूबे के मुस्लिम वोटबैंक पर है, जो सपा के परंपरागत वोटर्स माने जाते हैं.

मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी की नजर

AIMIM की मुख्य रणनीति उन विधानसभा क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका में है. ओवैसी ने बहराइच की मटेरा विधानसभा सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर अपनी चुनावी मुहिम का शंखनाद काफी पहले ही कर दिया था. मटेरा सीट को पारंपरिक रूप से सपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है. इसके अलावा श्रावस्ती की भिनगा सीट पर भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जा चुकी है.

अक्टूबर के दौरान आजमगढ़, कैराना और रामपुर में रैलियों के जरिए ओवैसी ने मुस्लिम वोटरों को अपने पाले में लामबंद करने का भरपूर प्रयास किया. रामपुर की रैली से उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के प्रति खुलकर सहानुभूति जताई और अखिलेश यादव की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए.

Advertisement

ओवैसी के इन तीखे हमलों का ही नतीजा था कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले रामपुर की जेल में जाकर आजम खान से मिले और बाद में उनके परिजनों से मुलाकात कर डैमेज कंट्रोल की कवायद करनी पड़ी. इसके अलावा अपने मुस्लिम नेताओं को भी अखिलेश ने ओवैसी के खिलाफ फ्रंटफुट पर उतार दिया है.

ओवैसी यूपी में तीसरा विकल्प खड़ा करने में जुटे

समाजवादी पार्टी के ऑफिशियल हैंडल से एक वीडियो साझा कर विपक्षी नेताओं पर वोट बैंक की सौदेबाजी का आरोप लगाया गया था. इस वीडियो में असदुद्दीन ओवैसी के साथ कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद एक साथ नजर आए थे. सपा का यह दांव ओवैसी को बीजेपी की 'बी-टीम' साबित करने का नैरेटिव सेट करने का हिस्सा माना जा रहा है.

इस पर पलटवार करते हुए AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने सपा को ही बीजेपी की 'बी-टीम' करार दिया. इस सियासी जुबानी जंग के बाद से ही ओवैसी की पार्टी और आजाद समाज पार्टी के बीच संभावित चुनावी तालमेल और तीसरे विकल्प की चर्चाएं सियासी गलियारों में गर्म हो गई हैं. माना जा रहा है कि ओवैसी यूपी में चंद्रशेखर आजाद की पार्टी के साथ मिलकर फिर एक बार किस्मत आजमाएंगे, क्योंकि इंडिया गठबंधन में उनकी एंट्री नहीं हो पा रही है.

Advertisement

सपा की सियासी टेंशन कैसे बढ़ा रहे ओवैसी

उत्तर प्रदेश के पिछले निकाय चुनावों में AIMIM ने 5 नगर पालिका अध्यक्ष और 83 पार्षद सीटों पर जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया था. मुस्लिम बहुल संभल और सिकंदराऊ जैसे इलाकों में AIMIM को बढ़त मिली थी. ओवैसी अब इस जनाधार को विधानसभा चुनाव में सीटों में बदलने की योजना बना रहे हैं.

AIMIM के निशाने पर वे प्रमुख मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं, जहां पर सपा जीत दर्ज करती रही है. कानपुर की सीसामऊ और कानपुर कैंट, प्रयागराज की प्रयागराज पश्चिम विधानसभा सीट पर ओवैसी ने अपने प्रत्याशी उतारने का प्लान बना रखा है. इसी तरह पश्चिमी यूपी की सहारनपुर, रामपुर, अमरोहा और मेरठ के तमाम क्षेत्रों में ओवैसी की पार्टी सीधे तौर पर सपा के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में जुटी है.

यूपी में ओवैसी जिस तरह मुस्लिम बहुल इलाकों को टारगेट कर रहे हैं, उससे सपा की टेंशन बढ़ गई है. सपा की सियासत में मुस्लिम वोटर्स राजनीतिक संजीवनी की तरह हैं, और उनके छिटकने से पार्टी की वापसी की सारी उम्मीदें फेल हो सकती हैं. ऐसे में ओवैसी की सक्रियता 2027 के दंगल के चुनावी मुकाबले को और भी दिलचस्प बना रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »