उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सपा और बीजेपी के बीच धर्म को लेकर सियासत गरमा गई है. अखिलेश यादव नवरात्रि पर लखनऊ में माता की चौकी कार्यक्रम में पहुंचे और आरती की. उधर बीजेपी यूपी ने सपा सांसदों का नवरात्रि में नॉन वेज खाने का वीडियो शेयर कर सपा को चुनावी हिंदू बताया. अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप भी लगाया.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में आयोजित माता की चौकी कार्यक्रम में शामिल हुए. वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सपा समर्थक मौजूद थे. उन्होंने पूजा अर्चना की और आरती में भी हिस्सा लिया. चुनाव से पहले सपा लगातार सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर दिख रही है, जबकि बीजेपी उस पर चुनावी हिंदू होने का आरोप लगा रही है.
अखिलेश ने कहा कि भारत की खूबसूरती इसकी अलग अलग संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में है. यहां अलग अलग धर्मों, पंथों और संप्रदायों को मानने वाले लोग साथ रहते हैं और एक दूसरे के धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं. उनके मुताबिक नवरात्रि, गणेश उत्सव, दशहरा, धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली और भाई दूज जैसे त्योहार देश की सांस्कृतिक एकता को दिखाते हैं.
उन्होंने कहा कि नवरात्रि नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ मानी जाती है. मां दुर्गा की पूजा धैर्य रखने, घमंड खत्म करने और दूसरों के प्रति नफरत मिटाने का संदेश देती है. सभी त्योहारों का मकसद आपसी भाईचारे और मेलजोल को मजबूत करना है.
यह भी पढ़ें: 'भाजपाई हारेंगे भी और भागेंगे भी, इनकी टंकी फूटेगी’, अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना
अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना भी साधा. उनका आरोप है कि बीजेपी सरकार में पूजा पाठ की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं. सिर्फ चीनी ही नहीं, दूसरी जरूरी चीजें भी महंगी की जा रही हैं. उनके मुताबिक मुनाफे के लिए मिलावट होती है और महंगाई बढ़ाई जाती है. उन्होंने मांग की कि त्योहारों पर सरकार राहत दे और चीनी जैसी जरूरी चीजें सस्ती करे.
बीजेपी यूपी के एक्स हैंडल से सपा सांसदों के नवरात्रि में नॉन वेज खाने का वीडियो वायरल है. पार्टी ने वीडियो के साथ लिखा, "नकली समाजवाद का दोहरा चरित्र बेनकाब. नवरात्रि में जब सनातनी व्रत रख रहे हैं, तब सपा के PDA सम्मेलन में मुर्गे की दावत उड़ रही है. एक तरफ चुनावी हिंदू बनने का नाटक, दूसरी तरफ सनातन का अपमान. यही है सपा का असली PDA, परिवारवाद, दंगा और अपमान."
समर्थ श्रीवास्तव