थाईलैंड पर रॉकेट दागते समय कंबोडिया का चीनी लॉन्चर फटा, Video

कंबोडिया-थाईलैंड सीमा विवाद में वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि रॉकेट लॉन्च करते समय लॉन्चर खुद ही फट गया. ये रॉकेट लॉन्च चीन का बताया जा रहा है. इसे कंबोडिया इस्तेमाल कर रहा था.

Advertisement
ऐसे ही रॉकेट लॉन्चर से कंबोडिया थाईलैंड पर हमला कर रहा था. (File Photo: AFP) ऐसे ही रॉकेट लॉन्चर से कंबोडिया थाईलैंड पर हमला कर रहा था. (File Photo: AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:35 PM IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) फायरिंग के दौरान खराब हो जाता है. रॉकेट दागते समय लॉन्चर फट जाता है. कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह चीन का बना कंबोडियाई हथियार है, जो थाईलैंड के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा था. गलती से खुद ही फट गया. 

कंबोडिया-थाईलैंड सीमा विवाद 

दोनों देशों के बीच प्रीह विहार मंदिर और आसपास के इलाकों को लेकर पुराना विवाद है. जुलाई 2025 से यह झड़प फिर शुरू हो गई, जिससे 5 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं. हाल के दिनों में थाईलैंड ने हवाई हमले किए, तो कंबोडिया ने तोपों से जवाब दिया. कई बार युद्धविराम की घोषणा हुई पर झड़पें रुक नहीं रही हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की आशंका से खौफ में पाकिस्तान, LoC के पास तैनात किए काउंटर-ड्रोन सिस्टम

वीडियो में क्या दिख रहा है?

वीडियो में एक 8x8 चेसिस वाला MLRS दिखता है, जो फायरिंग के तुरंत बाद कंट्रोल खो देता है. पास ही फट जाता है. दावा है कि यह कंबोडिया का चीनी Type-90B सिस्टम है, जो थाईलैंड पर हमला करने के दौरान मालफंक्शन कर गया.

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 दिसंबर को पनडुब्बी में करेंगी समुद्री यात्रा

लेकिन विशेषज्ञों के सवाल

  • वाहन का चेसिस चेक गणराज्य के RM-70 MLRS से ज्यादा मिलता-जुलता लगता है, न कि कंबोडिया के चीनी Type-90B से.
  • सैनिकों की स्थिति और आसपास का माहौल थोड़ा अजीब लग रहा है.
  • इस विस्फोट या इससे जुड़ी मौतों की कोई पुष्टि नहीं की है.
  • सोशल मीडिया पर इस तरह के कई दावे बिना सबूत के फैल रहे हैं.

अभी तक की स्थिति

कंबोडिया और थाईलैंड दोनों ने इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. युद्ध क्षेत्र से आने वाली ज्यादातर खबरें और वीडियो सोशल मीडिया पर ही निर्भर हैं, इसलिए सच्चाई पता करना मुश्किल हो रहा है. ऐसे वीडियो को बिना पुष्टि के सच्चा मानना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये अफवाहें या प्रोपेगैंडा भी हो सकते हैं. सीमा विवाद पहले से ही गंभीर है, जिसमें दोनों तरफ जान-माल का नुकसान हो रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »